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विधायक पप्पू भरतौल के भाई की गाय खोल ले गए

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मीरगंज/बरेली। गौकशी की घटनाओं पर पूर्ववर्ती सपा सरकार को घेरने वाले योगी आदित्यनाथ की अपनी सरकार में भी गायें पशु तस्करों के हाथों भेंट चढ़ने से बच नहीं पा रही हैं। दो दिन पहले आधी रात को नगर निगम के गेट पर घुमंतू गोवंशीय पशुओं को कार में लादकर ले जाने की घटना को तो पुलिस नजरंदाज कर गई, लेकिन इतवार की रात पशु तस्करों ने मीरगंज में भाजपा विधायक राजेश मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल के भाई रमेश मिश्रा की तीन गायें चोरी कर पुलिस को नीचे से ऊपर तक बुरी तरह झिंझोड़ दिया। सोमवार सुबह एसपी देहात खुद मौका मुआयना करने पहुंचे, डॉग स्क्वाड भी लगाया गया और नौ लोगों को संदेह के आधार पर हिरासत में भी ले लिया गया। हालांकि चोरी गईं गायों का कोई सुराग नहीं लग पाया।
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बिथरी विधायक पप्पू भरतौल के बड़े भाई रमेश मिश्रा का मीरगंज में दिल्ली हाईवे पर बीडीएम पब्लिक स्कूल है। स्कूल से सटा हुआ उनका तबेला है, जहां उन्होंने तीन गायें पाल रखी थीं। रखवाली के लिए यहां दो चौकीदार रहते हैं। इनमें एक कुल्छा खुर्द के देवीदास दिन में और दूसरे शाही के मुन्नालाल हैं जो रात में ड्यूटी पर रहते हैं। चौकीदार ही गायों की देखभाल करते हैं। रविवार रात पशु तस्कर स्कूल की पूर्वी दिशा की बाउंड्रीवाल तोड़कर अंदर घुसे और तीनों गायों को चुरा ले गए। अनुमान लगाया जा रहा है कि गायों को किसी लग्जरी कार में लादकर ले जाया गया। चौकीदारों को भी इसकी भनक नहीं लगी। पुलिस चौकीदारों से भी पूछताछ कर रही है। सोमवार सुबह गाय चोरी की सूचना पर रमेश मिश्रा के साथ स्थानीय भाजपाई भी पहुंच गए। विधायक पप्पू भरतौल ने लखनऊ से फोन पर एसपी देहात संसार सिंह से बात की। इसके बाद एसपी देहात खुद घटनास्थल पर पहुंचे और घंटों तफ्तीश में जुटे रहे। सीओ आलोक अग्रहरि, थाना प्रभारी राजवीर सिंह समेत भारी पुलिस फोर्स दोपहर बाद तक स्कूल में डटा रहा। डाग स्क्वॉड को भी चोरों के सुराग तलाशने में जुटी रही।

विधायक के भाई की गायों की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें बनाई गई हैं जो पशु तस्करों की तलाश में जुट गई हैं। नौ संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। चौकीदार की तहरीर पर मीरगंज थाने में अज्ञात चोरों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की गई है।- संसार सिंह, एसपी देहात
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रामपुर तो नहीं पहुंचीं गाय
शाहजहांपुर और दूसरे जिलों से रामपुर और मुरादाबाद दिशा में पशु तस्करी बड़े पैमाने पर होती है। रात भर हाईवे पर पशुओं भरी गाड़ियों रामपुर दिशा में जाती हैं। सटीक मुखबिरी से कई बार ऐसे वाहन पुलिस के हत्थे चढ़ जाते हैं तो अधिकांश मामलों में तस्कर भाग जाते हैं। मीरगंज से रामपुर की सीमा सटी हुई है। ऐसे में बड़ी संभावना है कि तस्कर इन गायों को सीधे रामपुर ले गए होंगे। पुलिस की एक टीम उधर गई भी है।

घुमंतू गोवंशीय पशु सड़कों से गायब अब घरों-तबेलों से भी हो रहे चोरी
पशु चोरी की घटनाएं पिछले कुछ महीनों में बेतहाशा बढ़ी हैं। बरेली, मीरगंज, फतेहगंज पश्चिमी, शीशगढ़, शाही, बहेड़ी, नवाबगंज, भोजीपुरा में पशु तस्कर लग्जरी गाड़ियों से चोरी के गाय-बैल लेकर हाईवे से गुजरते हैं, मगर पुलिस के कभी हत्थे नहीं चढ़ते। रात के वक्त हाईवे के थाने-चौकियां खाली रहते हैं। रुहेलखंड पुलिस चौकी के निकट कुछ दिन डायल 100 गाड़ी के पीछे पशु तस्कर इंजेक्शन देकर दो गायों को लग्जरी गाड़ी में डालकर ले गए। एक व्यक्ति ने उन्हें टोका तो तस्करों ने तमंचा निकाल लिया। जब उसने चौकी पर सिपाही और दरोगा को घटना बताई तो दरोगा ने उससे कहा- चुपचाप घर जाओ। पशु तस्करों का बहुत बड़ा नेटवर्क है। हम भी कुछ नहीं कर सकते। आम व्यक्ति जब पशु चोरी की रिपोर्ट लिखाने जाता है तो पुलिस उससे पशु खरीद की रसीद, पशु के फोटो समेत इतनी चीजें मांगती है कि वह लौटकर ही नहीं आता।

अब तक दर्ज हुए पशु तस्करी के 86 केस
बरेली मंडल में इस साल पशु तस्करी और गोवध अधिनियम के तहत 86 केस दर्ज हो चुके हैं। इनमें पशु चोरी के मामले भी शामिल हैं। बरेली में कुल 41, बदायूं में सात, पीलीभीत में 29 और शाहजहांपुर में नौ मामले दर्ज हैं।
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