मंझनपुर (कौशाम्बी)। सिहोरी टोल प्लॉजा के डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर को सोमवार दोपहर ओवरलोड वाहन नहीं पास कराने पर फोन करके गोलियों से भून देने की धमकी दी गई। सोशल मीडिया पर धमकी भरे फोन का ऑडियो वायरल होने के बाद एसपी के निर्देश पर कोखराज पुलिस ने नंबर के आधार पर केस दर्ज कर लिया है। डीपीएम का आरोप है कि धमकाने वाला व्यक्ति प्रतापगढ़ जिले की कुंडा कोतवाली में आरक्षी (चालक) के पद पर तैनात है। प्रतापगढ़ के एसपी ने आरक्षी को लाइन हाजिर कर उसके खिलाफ विभागीय जांच शुरू करा दी है।
डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर आरएल पाटीदार ने बताया कि सोमवार दोपहर उनके पास दो मोबाइल नंबरों से फोन आया। कॉल करने वाले ने ओवरलोड वाहनों को पास कराने के लिए कहा। नहीं मानने पर जान से मार डालने की धमकी दी। कहा कि प्लॉजा गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंजेगा। डीपीएम की मानें तो उन्होंने नंबर की जांच कराई तो वह प्रतापगढ़ जिले की कुंडा कोतवाली में तैनात एक आरक्षी (चालक) का निकला। अब चालक समझौते के लिए मिन्नतें कर रहा है। उधर, धमकी भरा फोन आने के बाद ही डीपीएम ने कोखराज पुलिस को तहरीर दी थी। आरोप है कि पुलिस ने कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं किया गया। इसी बीच किसी ने धमकी भरे फोन का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
ऑडियो सुनते ही एसपी प्रदीप गुप्ता बिफर गए। उनके निर्देश पर मंगलवार को कोखराज पुलिस ने नंबर के आधार पर रिपोर्ट लिख ली। बाद में ने मोबाइल नंबरों की जांच कराई। पता चला कि एक नंबर असल में प्रतापगढ़ कोतवाली में तैनाती आरक्षी (चालक) अमित सिंह का है। इसके बाद एसपी ने प्रतापगढ़ के कप्तान से फोन पर बातचीत की। प्रतापगढ़ के कप्तान देवरंजन वर्मा ने आरोपी आरक्षी को लाइन हाजिर कर विभागीय जांच भी शुरू करा दी है। हालांकि आरोपी आरक्षी का कहना है कि उसने एक परिचित की गाड़ी पास कराने के लिए निवेदन किया था। धमकाया किसी और ने है।वहीं इंस्पेक्टर, कुंडा कोतवाली एके मिश्र का कहना है कि मेरे चालक ने किसी परिचित की गाड़ी का मामला निपटाने के लिए टोल प्लॉजा के डीपीएम से निवेदन किया था। धमकाने का आरोप निराधार है। प्रकरण की जांच हो रही है। चालक दोषी है तो उसके खिलाफ कार्रवाई में कोई एतराज नहीं है।