डाकघरों में खाता न होने से सैकड़ों
ग्राहकों का चेक से भुगतान अटका
- ऑनलाइन प्रक्रिया दुरुस्त हुई तो ट्रेजरी स्वीकृति में फंसा पेच
इलाहाबाद। डाकघरों में खाता न होने से सैकड़ों ग्राहकों का चेक से भुगतान अटक गया है। किसान विकास पत्र, राष्ट्रीय बचत पत्र आदि योजनाओं का पूर्णता भुगतान का चेक ट्रेजरी की स्वीकृति प्रक्रिया तय न होने से फंसा है। सैकड़ों ग्राहक भुगतान के लिए भटक रहे हैं। डाक कर्मियों का कहना है कि खाते में तो रकम तुरंत ट्रांसफर की जा रही है, लेकिन चेक के लिए ग्राहकों को बाद में बुलाया जा रहा है।
विभिन्न सरकारी योजनाओं में धन निवेश करने वाले ग्राहकों को मेच्योरिटी का भुगतान चेक से नहीं किया जा रहा है। जबकि ऑनलाइन भुगतान प्रक्रिया शुरू होने से पहले सुबह औपचारिकताएं पूरी करने वाले ग्राहकों को शाम तक ट्रेजरी से बनकर आने वाला चेक उपलब्ध करा दिया जाता है। डाक कर्मियों का कहना है कि ट्रेजरी से चेक जारी होने की प्रक्रिया में कुछ बदलाव किए जाने से देरी हो रही है। ट्रेजरी से मिले समय के आधार पर ग्राहकों को चेक के लिए दो से चार दिन बाद बुलाया जा रहा है।
डाक घरों की इस व्यवस्था से ग्राहक परेशान हैं। प्रधान डाकघर में ही करीब दो सौ लोगों के भुगतान संबंधी चेक अटके हैं। पिछले डेढ़ महीने से लोगों को दो-चार दिन बाद आने के लिए कहा जा रहा है। इस परेशानी भरी व्यवस्था पर डाक अधिकारी कुछ भी बोलने के बजाय सिर्फ इतना कह रहे हैं कि ऑनलाइन व्यवस्था ठीक हो गई है। जिन लोगों को चेक नहीं मिले हैं, उनके लिए ट्रेजरी से संपर्क कर चेक मंगाए जाएंगे।