इविवि में सुरक्षा पर प्रशासन, गृह विभाग से जवाब तलब
0 हत्या और मारपीट की घटनाओं से असुरक्षा के माहौल का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
हाईकोर्ट ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था के बाबत विश्वविद्यालय प्रशासन और प्रमुख सचिव गृह से जवाब मांगा है। इविवि में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए विधि छात्रों ने एक जनहित याचिका दाखिल की है। याचिका पर मुख्य न्यायमूर्ति डीबी भोसले और न्यायमूर्ति सुनीत कुमार की पीठ सुनवाई कर रही है।
पीठ ने छात्रसंघ के महासचिव को भी नोटिस जारी कर पूछा है कि छात्रों की सुरक्षा को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा उठाए कदमों से उनको क्या शिकायत है। कोर्ट ने पूछा है कि इन हालात में सुधार के लिए क्या किया जा सकता है। याचिका छात्र शुभेंदु मिश्र और कई अन्य ने दाखिल की है। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय का माहौल काफी असुरक्षित हो गया है। यहां दिनदहाड़े क्लास रूम में छात्र की हत्या कर दी गई। मारपीट और बमबाजी जैसी घटनाएं आम हैं। कुलपति के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया। छात्रावासों में रह रहे छात्र भी खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं।
याचिका में कहा गया कि इस वातावरण के कारण अभिभावक अपने बच्चों का दाखिला कराने में डरते हैं। कोर्ट ने इस दलील पर असंतोष जताते हुए पूछा कि यदि ऐसा है तो याची यह बताएं कि विश्वविद्यालय के किस संकाय में सीटें खाली रह गई हैं। क्या दाखिल न होने की वजह से कोई सीट खाली है। छात्रों के अधिवक्ता के पास इसका तत्काल कोई उत्तर नहीं था। कोर्ट का कहना था कि आपराधिक घटनाएं कभी भी और कहीं भी हो जाती हैं। सिर्फ इसी एक आधार पर यह नहीं कहा जा सकता है कि विश्वविद्यालय परिसर में अराजकता और असुरक्षा का माहौल है। कोर्ट ने हाल के दिनों में हुई कुछ घटनाओं के आधार पर विश्वविद्यालय प्रशासन और गृह विभाग से दो सप्ताह में जवाब मांगा है।