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आचार्य बाड़ा में हजारों बनेंगे संत

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आचार्य बाड़ा में हजारों बनेंगे संत
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0 पंच संस्कार से ब्रह्मचारियों के साथ गृहस्थ लेंगे दीक्षा
0 220 शिविरों में पौष पूर्णिमा से शुरू हो जाएंगे अनुष्ठान
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
सांसारिक मायामोह छोड़कर हजारों लोग संत बनने की तैयारी में हैं। रामानुज संप्रदाय की ओर से नए लोगों को संत की दीक्षा देने के की तैयारी चल रही है। माघ मेले में एक साथ सभी को दीक्षा दी जाएगी। इसमें सवा सौ ब्रह्मचारी भी शामिल होंगे। यहीं ब्रह्मचारी आगे चलकर रामानुज संप्रदाय की परंपरा को आगे बढ़ाएंगे।
संप्रदाय की ओर से मेले में हर वर्ष संत बनने की दीक्षा दी जाती है। इस बार के माघ मेले में भी इसकी तैयारी की गई है। मेले में ब्रह्मचारियों के साथ बड़ी संख्या में गृहस्थ संत दीक्षा लेंगे। दीक्षा के बाद विरक्त संत के तौर पर रामानुज संप्रदाय की परंपरा से जुड़कर सनातन धर्म की सेवा का कार्य करेंगे। आचार्यबाड़ा के संत रामानुज नगर प्रबंध समिति (आचार्यबाड़ा) के अध्यक्ष अच्युत प्रपन्नाचार्य के मुताबिक संप्रदाय की ओर से संत दीक्षा पूरे वर्ष दी जाती है। बीते वर्ष 700 लोगों ने संत दीक्षा ली। इस बार दीक्षा लेने के लिए संपर्क करने वालों की संख्या हजारों में है। सभी को माघ मेले में दौरान दीक्षा दी जाएगी। कहा, संप्रदाय के संन्यासी त्रिदंड धारण करते हैं। ब्रह्मचारी दीक्षा आठ वर्ष से अधिक आयु के बालकों को दी जाती। इसके बाद उन्हें वेद अध्ययन कराया जाता है। कई चरणों के परीक्षा के बाद ही उन्हें संन्यास दिया जाता है। उन्हें इस बात की स्वतंत्रता है कि पढ़ाई पूरी होने पर वे चाहे तो गृहस्थ हो सकते हैं। संन्यासी होने के बाद परिवार से नाता छूट जाता है।
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महामंत्री चंद्रभूषणाचार्य के अनुसार आचार्यबाड़े में लगने वाले 220 शिविरों में माघ पर्यंत यज्ञ अनुष्ठान एवं सांस्कृतिक आयोजन होंगे। बताया कि भूमि आवंटन के साथ शिविर लगाने का काम शुरू हो गया है। 29 दिसंबर पौष एकादशी से शिविर में संतों, श्रद्धालुओं पहुंच जाएंगे। पौष पूर्णिमा दो जनवरी से प्रवचन अनुष्ठान एवं गंगा स्नान का क्रम शुरू हो जाएगा।

पंच संस्कार दीक्षा
0 शंख चक्र गरम करके हाथ के मूल में स्पर्श
0 माथे पर चंदन का त्रिपुंड टीका
0 भगवान के नाम पर नामकरण
0 गुरु मंत्र
0 यज्ञ संस्कार
संप्रदाय की परंपरा
मान्यता है कि रामानुज संप्रदाय की परंपरा लक्ष्मीनाथ से शुरू हुई। इसके बाद यमन्नाचार्य तदुपरांत रामानुजचार्य संप्रदाय के आचार्य रहे।

संप्रदाय के सिद्धांत (शरणागति के छह सोपान)
0 अनुकूलता का संकल्प
0 प्रतिकूलता का वर्जन
0 भगवान रक्षा करेंगे का दृढ़ विश्वास
0 सब कुछ भगवान
0 आत्मान्छिेद
0 कार्यपन्णता


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