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बाड़े में 16 भेड़ मिली मृत, 17 घायल, बाघ-तेंदुए के हमले की आशंका

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बाड़े में पड़े शव। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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मीरगंज के गांव में हुई घटना, भेड़ों के पांच गायब पाए गए

मीरगंज। चुरई दलपतपुर गांव में एक बाड़े में घुसकर किसी खूंखार जानवर ने वहां बंधी भेड़ों पर हमला कर दिया। इससे 16 भेड़ों की मौत हो गई, जबकि 17 भेड़ें गंभीर रूप से घायल हो गईं। उनके पांच बच्चे गायब मिले। माना जा रहा है कि यह हमला बाघ-बाघिन या फिर तेंदुए का है। पोस्टमार्टम करने वाले पशुचिकित्सा विभाग के अफसरों ने भी किसी जंगली जानवर के हमले की बात कही है, वहीं वन विभाग किसी जहरीले जीव के काटने से मौत होना बता रहा है।
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चुरई दलपतपुर निवासी वेद प्रकाश पाली ने भेड़ पालन का व्यवसाय कर रखा है। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को करीब सौ भेड़ों को चराकर लाने के बाद उन्हें रोजाना की तरह अपने घर के समीप बाड़े में बंद कर दिया। शुक्रवार सुबह जब वह बाड़े पर पहुंचे तो उनमें से 16 भेडे़ं मृत पड़ी देखीं, जबकि 17 अन्य घायल हालत में थीं। उनके पांच बच्चे भी गायब थे। वेदप्रकाश ने पुलिस को तहरीर दी। इसके बाद पशु चिकित्सा विभाग के कर्मचारियों को सूचना देकर पोस्टमार्टम कराया गया। फिर भेड़ों को गांव में ही एक जगह दफन कर दिया गया। घायल भेड़ों का भी इलाज किया गया। वहीं लेखपाल ने मामले की रिपोर्ट तैयार करके तहसील प्रशासन को सौंप दी।
एक साथ इतनी भेड़ों पर यह हमला बाघ-बाघिन या फिर तेंदुए का माना जा रहा है। बंद पड़ी रबर फैक्टरी के जंगल में काफी समय से रह रही बाघिन के इससे पहले कई बार बाहर निकलने की बात सामने आती रही है। इसके अलावा अलीगंज के कई गांवों में पिछले महीने बाघ के पगचिह्न मिले थे। वन विभाग ने खुद पगचिह्न मिलने की पुष्टि की थी और बाघ की तलाश भी की थी। बाद में वन विभाग ने यह कह दिया था कि बाघ क्षेत्र से कहीं चला गया। वहीं कुछ दिन पहले ही तेंदुए के भी आसपास के गांवों में देखे जाने की खबरें सामने आई हैं। हालांकि मीरगंज थाना प्रभारी ने इस घटना की जानकारी होने से इनकार किया।

घटना की जानकारी पर रेंजर मौके पर पहुंचे थे। वहां किसी भी खूंखार जानवर से हमले का कोई निशान नहीं मिला। प्रतीत होता है कि भेड़ों की मौत किसी बीमारी से या किसी जहरीले जीव के काटने से हुई होगी। तेंदुआ, बाघ या बाघिन के हमले की कोई आशंका नहीं है। रबर फैक्टरी से चुरई दलपतपुर भी 20 किलोमीटर दूर है। - भरत लाल, डीएफओ

पोस्टमार्टम से स्पष्ट है कि यह हमला किसी जंगली जानवर का है। डॉक्टरों के पैनल ने इन मृत भेड़ों का पोस्टमार्टम किया। घायल भेड़ों का इलाज किया गया है। -एलके वर्मा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी

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