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राशन कार्ड प्रकरण- सिस्टम ही जब माफिया का साथ निभाए तो कौन बचाए..

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शाही। राशन कार्ड जारी करने में बड़े पैमाने पर घोटाला किए जाने के मामले की जांच शुरू कराने से सरकारी सिस्टम जिस तरह कन्नी काट रहा है, उससे अब खुद ब खुद सारी स्थिति साफ होती जा रही है। हालत यह है कि एसडीएम मीरगंज का सात दिन के अंदर जांच पूरी कर रिपोर्ट दिए जाने का आदेश ही मियाद पूरी होने तक अपने ठिकाने तक नहीं पहुंचा है। एसडीएम अब कह रहे हैं कि राशन कार्ड ज्यादा हैं इसलिए जांच में समय लगेगा, लेकिन इस सवाल का जवाब नहीं दे रहे कि जब आदेश ही जांच करने वालों तक नहीं पहुंचा तो जांच होगी कैसे।
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राशन कार्ड घोटाले की जांच के नाम पर हजारों गरीबों को झांसा दिया जा रहा है। गरीबों के पेट से जुड़े इस मामले में प्रशासन की भूमिका का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पहले तो वह तमाम गड़बड़ियों के बावजूद बेखबर बना रहा और जब उनका खुलासा हुआ तो अब जांच के नाम पर खेल कर रहा है। एसडीएम रोहित यादव ने शाही, शीशगढ़ और फतेहगंज नगर पंचायत के ईओ को जांच कर एक सप्ताह में रिपोर्ट देने का आदेश तैयार कराया था। लेखपाल को भी शाही में राशन कार्डों का सत्यापन कर रिपोर्ट मांगी थी। एसडीएम का यह आदेश शाही के अलावा न किसी नगर पंचायत में रिसीव नहीं हुआ न लेखपाल को। बताया जाता है कि एसडीएम का यह आदेश अब तक पूर्ति कार्यालय में धूल फांक रहा है।
कानूनगो यशवीर सिंह का कहना था कि वह यह आदेश बुधवार को प्राप्त कर लेंगे। आदेश रिसीव करके लेखपालों को जांच में लगाया जाएगा। उधर, शाही के ईओ सूर्यनाथ सरोज शुक्रवार से छुट्टी पर है। बुधवार को वह कार्यालय आएंगे, इसके बाद जांच आगे बढ़ सकेगी। सूत्रों का यह भी कहना है कि जांच शुरू होने में देरी इसलिए हो रही है ताकि इस बीच सारे झोल दुरुस्त कर लिए जाएं।
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राशन कार्डों की जांच का आदेश कर दिया है, कार्रवाई भी जारी है। राशन कार्डों की संख्या काफी है इसलिए समय तो लगेगा ही। - रोहित यादव, एसडीएम मीरगंज
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