प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती के 2012 की शुल्क वापसी की मांग
0 सरकार के आदेश के बाद भी नहीं शुरू हो सकी शुल्क वापसी प्रक्रिया
प्रयागराज। प्रदेश सरकार की ओर से 2012 में प्रशिक्षु शिक्षक की 72825 की भर्ती के लिए आवेदन करने वाले प्रशिक्षुओं ने सरकार से अपने आवेदन शुल्क की वापसी की मांग की है। आवेदन करने वालों का कहना है कि 2012 में तत्कालीन सपा सरकार ने 2011 में विज्ञापित भर्ती की जगह दोबारा 72825 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे थे। मामला कोर्ट में जाने पर सर्वोच्च न्यायालय ने 72825 प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती पुरने विज्ञापन 2011 के आधार पर पूरी करने का आदेश दिया था। 2012 की भर्ती के लिए हुआ विज्ञापन पूरी तरह से शून्य हो जाने के बाद अभ्यर्थियों ने सरकार से उनके शुल्क वापसी की मांग की थी।
फीस वापसी के लिए दावा करने वाले अभ्यर्थियों का कहना है कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने उनके आग्रह पर नवंबर 2018 में नए विज्ञापन 2012 के शुल्क वापस करने केलिए आवेदन लिया, परीक्षार्थियों को यह शुल्क जनवरी 2019 में वापस किया जाना था। शुल्क वापसी की तिथि से छह महीने से अधिक का समय बीत जाने के बाद कोई कार्रवाई नहीं किए जाने पर अभ्यर्थियों में नाराजगी है। इस मामले में अभ्यर्थियों ने सचिव बेसिक शिक्षा परिषद के पास शिकायत दर्ज कराई तो उन्होंने डायट के पास रिमाइंडर भेजा, पता चला है कि डायट में आए आवेदन अभी तक बोरे में बंद पड़े हैं। अभ्यर्थियों ने सरकार से उनके शुल्क की वापसी की मांग की है।