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बिना दवा-पट्टी तीन घंटे तडपते रहे मरीज

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बिना दवा पट्टी तीन घंटे तड़पते रहे मरीज
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0 इमरजेंसी को छोड़कर सभी वार्डों में सेवाएं रहीं बाधित, कार्रवाई पर अड़ीं नर्सें
0 मुंह छिपाए सिफारिश करवाता रहा छेड़छाड़ का आरोपी डॉक्टर
प्रयागराज। एसआरएन अस्पताल में एक डॉक्टर की अश्लील हरकतों और छेड़छाड़ से नाराज नर्सों की हड़ताल मरीजों पर भारी पड़ी। बृहस्पतिवार को 11 से दो बजे तक तीन घंटे बिना दवा, पट्टी और इंजेक्शन के वार्डों में भर्ती मरीज तड़पते रहे। वहीं मामले के तूल पकड़ने से आरोपी डॉक्टर मुंह छिपाए नर्सों से सिफारिश करवाता रहा, लेकिन नर्स एसोसिएशन की पदाधिकारी और अन्य स्टाफ नर्सें कार्रवाई पर अड़ी रहीं।
अस्पताल में अचानक कार्य से विरत हुईं नर्सें एकजुट होकर एसआरएन के पुराने भवन स्थित प्रशासनिक कार्यालय के सामने एकत्र हुईं। वहां मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य का भी कक्ष है। नारेबाजी कर रहीं नर्सें छेड़छाड़ के आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही थीं। वहीं दूसरी तरफ वार्डों में भर्ती मरीज और उनके तीमारदार परेशान घूम रहे थे।
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नर्सों की हड़ताल से सर्वाधिक दिक्कत सर्जरी, आर्थों वार्डों के साथ आईसीयू में हुई। सर्जरी विभाग के मरीजों का हर घंटे बीपी लेने के साथ दवा देने का काम नर्सें करती हैं। साथ ही ड्रेसिंग भी करती हैं। वार्ड छोड़कर गईं नर्सें के कड़े तेवर देख जूनियर डॉक्टर भी छिटककर धूमते रहे। वहीं आर्थों वार्ड में पट्टी और प्लास्टर के साथ दवाओं के लिए मरीज और तीमारदार परेशान हुए।
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शराब के नशे में धुत था आरोपी डॉक्टर
रात के सन्नाटे में इमरजेंसी ओटी (ट्रामा) के ड्यूटी रूम में छेड़छाड़ और अश्लील हरकत करने का आरोपी डॉक्टर शराब के नशे में था। पीड़िता नर्स के मुताबिक इशारे से अपने पास बुलाकर जबरदस्ती के दौरान उनके मुंह से आ रही दुर्गंध बता रही थी कि उन्होंने शराब भी पी थी। इस बात का जिक्र छेड़छाड़ का शिकार नर्स ने कोतवाली पुलिस को दी गई तहरीर में किया है।
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बेशर्मी की हद पार कर दी, छेड़छाड़ के बाद भेजे अश्लील मैसेज
पीड़िता के मुताबिक आरोपी डॉक्टर जेआर 3 ने बेशर्मी की हद पार कर दी थी। दो बार दबोचने के बाद रात करीब 1.30 बजे जब वह किसी तरह उनके चंगुल से छूटकर भागी तो डॉक्टर ने उन्हें फोन किया। कॉल रिसीव नहीं की तो रात 1.32 से 1.49 बजे तक सात बार व्हाट्सएप पर सात मैसेज भेजे। आखिरी मैसेज में लिखा ‘गुस्सा हो गईं’ क्यूं.....

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एचओडी बोले, खतम करो मामला, मांफी मंगवा दूंगा
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य से शिकायत कर रही नर्सों से एनेस्थीसिया विभाग के एचओडी ने खूब टालमटोल की। नर्सों का आरोप है कि विभागाध्यक्ष ने पहले तो कहा कि मान जाओ, क्या किया जेआर ने, बताओ क्या बिगड़ गया। फिर उन्होंने सिलसिलेवार घटनाक्रम की जानकारी देने के दौरान टोकाटाकी की। नर्सें आरोपी के खिलाफ कार्रवाई पर अड़ी रहीं तो उन्होंने कहा कि एफआईआर दर्ज नहीं कराना। क्यों शादीशुदा डॉक्टर का कैरियर बर्बाद करने पर तुली हो, खतम करो मामला, माफी मंगवा दूंगा।
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कोतवाली में देर रात जुटी नर्सें, टालमटोल के बाद ली तहरीर, एफआईआर
छेड़छाड़ की आरोपी डॉक्टर के खिलाफ नर्सों की एकजुटता ऐसी रही कि जांच कमेटी गठित होने के बाद भी वे एफआईआर दर्ज कराने पर अड़ी रहीं। बृहस्पतिवार देर रात तक नर्सिंग एसोसिएशन की पदाधिकारियों समेत बड़ी संख्या में जुटी नर्सें पीड़िता और उसके पति के साथ कोतवाली पहुंच गईं। वहां पुलिस ने रिपोर्ट लिखने से मना कर दिया। कोतवाल बोले, पहले जांच होगी फिर एफआईआर दर्ज करेंगे। पुलिस की हीलाहवाली से नाराज नर्सें बिना रिपोर्ट दर्ज कराए वहां से नहीं जाने पर अडिग रहीं। बाद में दबाव में आई पुलिस ने टाइप तहरीर लेने से इंकार कर फिर टालमटोल की। फिर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक ने कहा कि हाथ लिखकर दो तहरीर तब मुकदमा लिखेंगे। बाद में तहरीर लेकर उन्होंने सुबह एफआईआर की कॉपी ले जाने की बात कहकर नर्सों को वापस भेजा। देर रात इंस्पेक्टर कोतवाली बच्चे लाल ने बताया कि पीड़िता की तहरीर पर नामजद एफआईआर दर्ज की जा रही है।

जांच कमेटी में छह सदस्य
छेड़छाड़ के मामले में जांच करने के लिए मेडिकल कालेज के प्राचार्य ने छह सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी में एसआरएन के एसआईसी डॉ. एके श्रीवास्तव को अध्यक्ष नामित किया गया है। सदस्यों में एनेस्थीसिया विभाग के अध्यक्ष डॉ. एलएस मिश्रा, सर्जरी विभाग के आचार्य डॉडॉ. वीके पांडेय, आचार्य एनेस्थीसिया विभाग डॉ. नीलम सिंह, मातृका माया सिंह, मातृका लीडिया गायकवाड़ सदस्य होंगे।
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--वर्जन- नर्सिंग स्टाफ के आरोपों को गंभीरता से लिया गया है। इमरजेंसी ओटी में हुई घटना की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है। रिपोर्ट मिलने पर आरोपी के खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। --डा. एसपी सिंह, प्राचार्य मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज
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