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ओवरहेडेड लाइन घोटाले की जांच करने वाले अफसरों के तबादले की संस्तुति

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बिजली घोटाले की जांच में शामिल पांच अफसरों के तबादले की संस्तुति
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क्रासर
दो किमी कागज पर ओवरहेडेड लाइन बिछाने के मामले की लीपातोपी शुरू,चेयरमैन-एमडी तक मामला पहुंचने से मचा हड़कंप
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। करोड़ों रुपये के ओवरहेडेड विद्युत लाइन निर्माण घोटाले में लीपापोती का खेल सोमवार को शुरू हो गया। कागज पर लाइन बिछाने के इस खेल में शामिल अधिकारियों पर कार्रवाई करने की बजाए आनन-फानन में इस मामले की जांच से जुड़े पांच अभियंताओं के तबादले की संस्तुति कर दी गई। जिन अभियंताओं के तबादले की संस्तुति की गई है, उनमें माध्यमिक कार्यखंड के अधीक्षण अभियंता व एक्सईएन के अलावा दो एई व एक जेई के नाम शामिल हैं। उधर, पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी गोविंद राजू व पीयूसीए के चेयरमैन आलोक कुमार ने इस मामले से जुड़ी जानकारी ली है। इसे लेकर दिन भर महकमे में हड़कंप मचा रहा।
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विद्युत माध्यमिक कार्य खंड में 33केवी क्षमता की ओवरहेडेड लाइन के निर्माण की जांच पर पानी डालने की कोशिशें तेज हो गई हैं। कहा जा रहा है कि इस घोटाले में माध्यमिक कार्यखंड के अलावा कुछ और भी बड़े अफसर शामिल हैं। घोटाले की आंच उन तक न पहुंचने पाए, इसलिए इसे रफा-दफा कराने की जमीन तैयार कराई जाने लगी है। सूत्रों के मुताबिक इस मामले की जांच करने वाले एसई एसकेपाठक व एक्सईएन बीके शर्मा के अलावा सहायक अभियंता लाल बहादुर सिंह, गुलाब कोटारिया व जेई लक्ष्मीनाथ के तबादले की संस्तुति मुख्य अभियंता कार्यालय की ओर से कर दी गई है, ताकि मनमाफिक अफसरों की तैनाती कराकर इस घोटाले पर परदा डाला जा सके। अधिशासी अभियंता बीके शर्मा की जांच में 18 किमी लंबी लाइन के प्रोजेक्ट में दो किमी काम कागज पर ही पाया गया है। रेलवे लाइन क्रास कराकर मऊ आइमा उपकेंद्र को जोड़ने की बजाए पांच किमी लंबी लाइन बिना किसी प्रयोजन के रेलवे लाइन के किनारे-किनारे ले जाई गई, जबकि इसका कोई औचित्य नहीं था।
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