सभी केंद्र- मुरादाबाद के ध्यानार्थ
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गरीबों की जगह दाखिले को भेज दिए रईसों के बच्चे
0 बीएसए मुरादाबाद के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचा सीएल गुप्ता वर्ल्ड स्कूल, जवाब तलब
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। अनिवार्य शिक्षा कानून के तहत सभी स्कूलों में गरीबों के बच्चों को दाखिला देने की अनिवार्यता का दुरुपयोग करने के खिलाफ बीएसए मुरादाबाद के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। कोर्ट ने इस मामले में बीएसए और डीएम मुरादाबाद को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है । सीएल गुप्ता वर्ल्ड पब्लिक स्कूल की याचिका पर न्यायमूर्ति नीरज तिवारी सुनवाई कर रहे हैं।
याची स्कूल के अधिवक्ता क्षितिज शैलेंद्र का कहना था कि अनिवार्य शिक्षा का कानून के तहत छह से 14 वर्ष की उम्र के बच्चों को निशुल्क शिक्षा देने के नियम के तहत सभी स्कूलों को ऐसे बच्चों का दाखिला लेना अनिवार्य है। इसी नियम के तहत बीएसए मुरादाबाद ने याची स्कूल को चार बच्चों के नाम दाखिले के लिए भेजे हैं। मगर यह बच्चे न तो गरीब परिवार के हैं और न ही छह वर्ष की आयु है। सभी बच्चे धनाड्य परिवारों से हैं और उनकी आयु भी छह वर्ष से कम है। नियमानुसार दाखिला कक्षा एक से किया जाना है मगर बीएसए ने बच्चों को प्री प्राइमरी में दाखिले के लिए भेजा है। ऐसा करके उन्होंने अनिवार्य शिक्षा का कानून के प्रावधान 2(सी),(डी) तथा 12(1)(सी) का उल्लंघन किया है। कोर्ट ने बीएसए के आदेश पर रोक लगाते हुए इस मामले में 27 मई तक जानकारी तलब की है तथा डीएम को भी जवाब दाखिल करने के लिए कहा है।