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दंडी बाड़ा में भीषण आग, चार बड़े टेंट जलकर खाक

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दंडी बाड़ा में भीषण आग, चार बड़े टेंट जलकर राख
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0 10 लाख नकद समेत कई लाख के काजू-किशमिश और अनाज भी स्वाहा
0 शतरुद्ध यज्ञ करा रहे थे मुंबई के बिल्डर, उसी समय शार्ट सर्किट से आग लगी
अमर उजाला ब्यूरो
कुंभनगर। सेक्टर-14 स्थित दंडी बाड़ा में रविवार को भीषण आग गई। घटना में चार बड़े टेंट जलकर राख हो गए। इनमें रखे करीब 10 लाख नकद, गहने, लाखों के काजू किशमिश और अनाज भी स्वाहा हो गए। हादसे के समय शिविर में शतरुद्ध यज्ञ चल रहा था। सैकड़ों लोग वहां मौजूद थे। आग से वहां भगदड़ जैसी स्थिति हो गई। वसंत पंचमी का स्नान होने के बाद क्षेत्र में भारी भीड़ थी, इसलिए फायरब्रिगेड की गाड़ियां भी आधा घंटे देर से पहुंचीं। आग लगने का कारण शार्ट सर्किट माना जा रहा है।
मेले में शंकराचार्य मार्ग पर सेक्टर-14 स्थित दंडी बाड़ा में अरावली पीठ के स्वामी हरिश्वरानंद तीर्थ के शिविर में मुंबई से बिल्डर शरद मिश्रा पिछले दिनों से शतरुद्ध यज्ञ करा रहे हैं। रविवार को भी दिन में यज्ञ हो रहा था। शरद का परिवार तथा मुंबई से आए कुछ लोग यज्ञ में ही थे। उसी समय शरद के टेंट से धुआं निकलने लगा। वहां अफरातफरी मच गई। कुछ ही देर में आग की ऊंची-ऊंची लपटें दिखने लगीं। लोगों ने बालू और पानी से आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग के विकराल रूप के आगे कुछ काम नहीं आया। दमकल की गाड़ी जब तक पहुंचीं, तब तक सबकुछ जलकर स्वाहा हो गया था। आग से चार टेंट के अलावा यज्ञशाला भी जल गई। गेट का पिछला हिस्सा भी जल रहा था। बताया जाता है कि करीब दस लाख रुपये नकद, काजू किशमिश और अनाज की बोरियां जल गईं। कई महिलाओं के गहने भी जल गए। आग शांत होने के बाद महिलाएं बदहवास होकर अपने-अपने गहने ढूंढ रहीं थीं। कई लैपटाप, मोबाइल और टेबलेट भी जल गए। शिविर व्यवस्थापक जीतेंद्र शर्मा ने बताया जो टेंट जले हैं, उनमें एक शरद मिश्रा का था। एक टेंट पुरोहितों का, एक भंडारगृह था और एक टेंट छोलदारी का था। वहीं सीएफओ प्रमोद शर्मा ने बताया कि टेंट में एक केबल था, पूरी संभावना है कि उसी से शार्ट सर्किट हुआ हो और आग लग गई हो। आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया है।
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दो सिलेंडर भी टेंट में, आग से फूल गए थे
कुंभनगर। जो टेंट जले हैं, उनमें दो सिलेंडर भी रखे हुए थे। यह संयोग ही था कि सिलेंडर फटा नहीं। आग से दोनों सिलेंडर फूल गए थे। अगर सिलेंडर फटता तो बड़ा हादसा हो जाता। घटना के समय वहां सेकड़ों लोग मौजूद थे, हालांकि आग लगते ही सबको बाहर निकाल लिया था।
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