घनचक्कर बने शहरी, घर पहुंचना भी दूभर
अनियोजित तरीके से लगाई गई बैरिकेडिंग से हुई दिक्कत
रास्तों को बना दिया भूल-भुलैया, इधर-उधर भटके लोग
प्रयागराज। वसंत पंचमी के मुख्य स्नान पर्व पर शहर के लोग घनचक्कर बने रहे। एक बार घर से निकले तो उनके लिए वापसी दूभर हो गई। अनियोजित तरीके से जगह-जगह बैरिकेडिंग लगाकर रास्तों को भूल-भुलैया बना दिया गया। शनिवार शाम से रविवार देर शाम तक शहर के तमाम इलाकों में अफरातफरी जैसे हालात रहे।
मेला क्षेत्र के आसपास के इलाकों में रहने वालों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शहर के सबसे बड़े बालसन चौराहे पर बैरिकेडिंग कर सभी रास्ते रोक दिए गए लेकिन जो लोग चौराहे की तरफ जा रहे थे, उन्हें नहीं रोका गया। ऐसे में सैकड़ों दोपहिया एवं चार पहिया वाहनों को चौराहे से लौटना पड़ा। लाउदर रोड पर मेडिकल चौराहा से सरस्वती हार्टकेयर चौराहा होते हुए बालसन जाने वाले रास्ते पर ट्रैफिक भेज दिया गया लेकिन जब लोग अपने वाहनों से बालसन चौराहे पर पहुंच गए तो वहां बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें लौटा दिया गया।
उधर, बालसन चौराहे से आनंद भवन होते हुए इलाहाबाद विश्वविद्यालय कला संकाय जाने वाले रास्ते पर तो वाहनों को जाने दिया गया लेकिन वापस वापसी के लिए दूसरी लेन पर दो पहिया वाहनों को भी रोक दिया गया जबकि इस रूट पर श्रद्धालुओं की भीड़ का कोई दबाव नहीं था। अल्लापुर से कटरा, मम्फोर्डगंज, कर्नलगंज जाने के लिए चर्चलेन होते हुए सीधा रास्ता दिया गया लेकिन अल्लापुर वापस आने वालों को बैरिकेडिंग लगाकर रास्तों की भूल-भुलैया में भटकने के लिए छोड़ दिया गया।
सिविल लाइंस की ओर से जॉर्जटाउन, टैगोर टाउन, दरभंगा, अल्लापुर, सोहबतियाबाग, तुलरामबाग, अलोपीबाग जाने वाले शहरियों को भी दिक्कत झेलनी पड़ी। हनुमान मंदिर चौराहा से ही बैरिकेडिंग लगाकर रास्ता रोक दिया गया था। कुछ लोग जॉनसेनगंज चौराहा और कुछ लोग हिंदू हॉस्टल चौराहे की ओर बढ़े लेकिन इन दोनों चौराहों पर भी बैरिकेडिंग लगाकर रास्ता रोक दिया गया था। वहीं, खुल्दाबाद सब्जी मंडी, नखासकोहना, चौक में कोतवाली के सामने, डीएसए ग्राउंड के पास भी बैरिकेडिंग लगा दी गई, जिससे करेली, मीरापुर, अतरसुइया, कल्याणीदेवी की ओर से सिविल लाइंस की ओर आने वाले शहरियों को जबर्दस्त दिक्कत झेलनी पड़ी।
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नोट: फोटो भी है---
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रिक्शा ट्रॉली पर ढोए गए श्रद्धालु
प्रति सवारी लिए गए पचास रुपये
प्रयागराज। कुंभ मेला क्षेत्र की ओर जाने वाले रास्ते एमजी रोड पर हनुमान मंदिर चौराहे के सामने बैरिकेडिंग लगी थी और वहां से रिक्शा ट्रॉली पर श्रद्धालु ढोए जा रहे थे। रिक्शा ट्रॉली पर प्रति सवारी 50 रुपये लिए जा रहे थे।
हनुमान मंदिर से सीएमपी डिग्री कॉलेज के बीच 100 से अधिक रिक्शा ट्रॉलियां चलाई गईं। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को स्टेशन से ही पैदल आना पड़ रहा था, सो उनके सामने भी मजबूरी थी और 50-50 रुपये देकर रिक्शा ट्रॉली पर बैठने के अलावा उनके पास कोई विकल्प नहीं था। हालांकि सीएमपी डिग्री कॉलेज के सामने उतारे जाने के बाद संगम तक पहुंचने के लिए चार से पांच किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ी। सीधे रास्ते के बजाय उन्हें भी घुमाकर संगम की ओर भेजा गया। वापसी में भी यही स्थिति रही और श्रद्धालुओं को सिविल लाइंस बस अड्डा, रेलवे स्टेशन, प्रयाग स्टेशन तक पैदल आना पड़ा।