वाराणसी के ध्यानार्थ
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बिना मान्यता के स्कूलों
पर निर्णय लेने का निर्देश
0 बिजली विभाग द्वारा संचालित स्कूलों में करोड़ों के गोलमाल का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। सोनभद्र ओबरा में राज्य विद्युत उत्पादन निगम द्वारा बिना मान्यता के संचालित स्कूलों में करोड़ों के गोलमाल की शिकायत पर हाईकोर्ट ने निगम को मामले की जांच कर निर्णय लेने के लिए कहा है। आरोप है कि निगम द्वारा संचालित छह प्राइमरी स्कूलों में अध्यापकों और स्टाफ को करोड़ों रुपये का भुगतान किया गया है। अधिवक्ता सीमा मिश्रा की जनहित याचिका पर मुख्य न्यायमूर्ति गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति एसएस शमशेरी की पीठ ने सुनवाई की।
याचिका में कहा गया कि ओबरा में संचालित छह प्राइमरी स्कूलों के अध्यापकों को राज्य निधि से वेतन का भुगतान किया जा रहा है। जबकि, इनको मान्यता प्राप्त नहीं है। कोर्ट ने कहा कि याची राज्य विद्युत निगम के समक्ष अपनी शिकायत करे। कहा गया कि राज्य विद्युत निगम के ओबरा इंटरमीडिएट कॉलेज को मान्यता प्राप्त है। जबकि, बिना मान्यता के छह और विद्यालय चलाए जा रहे हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक, संयुक्त निदेशक शिक्षा विंध्याचल मंडल मिर्जापुर के आदेश से सरकारी धन का भुगतान किया जा रहा है। यह स्कूल सेक्टर एक, तीन, चार, सात, आठ और नौ में चल रहे हैं। यहां के अध्यापकों और स्टाफ को सरकार से वेतन के अलावा अन्य सुविधाएं आवास आदि भी मिल रही हैं। मांग की गई है कि 1967 से अब तक किए गए भुगतान की वसूली की जाए।