उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद के 15 हजार मुकदमों की सुनवाई मात्र एक सदस्य के भरोसे है। परिषद के चार पद लंबे समय से रिक्त हैं, जिसकी वजह से भूमि सुधार और राजस्व के मुकदमों का निस्तारण नहीं हो पा रहा है।
उ. प्र. राजस्व परिषद बार एसोसिएशन के पूर्व महासचिव विजय चंद्र श्रीवास्तव ने राज्य सरकार से परिषद के खाली पदों को भरने की मांग की है। इनका कहना है कि इस समय एक मात्र न्यायिक सदस्य भावना श्रीवास्तव ही कार्यरत हैं। एक अन्य सदस्य डा. राम मनोहर मिश्र मई माह में सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
श्रीवास्तव का कहना है कि राजस्व परिषद में 15 हजार मुकदमे विचाराधीन हैं। 1972 के मुकदमे सुने जा रहे हैं। सदस्यों की समय से नियुक्ति न होने से मुकदमों का बोझ बढ़ता जा रहा है। श्रीवास्तव ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से इस मामले में हस्तक्षेप करने एवं खाली पदों को भरने की कार्यवाही करने की मांग की है।