नार्थ सेंट्रल रेलवे इंपलाइज संघ, मेंस यूनियन के साथ एआईआरएफ और एनएफआईआर के पुरजोर विरोध के बाद रेल मंत्रालय ने इस मांग को गंभीरता से लिया। इंपलाइज संघ के महामंत्री आरपी सिंह ने कहा कि रात्रिकालीन भत्ते की हमारी मांग मान ली गई है। वित्त मंत्रालय, डीओपीटी के बाद अब रेल मंत्रालय ने भी बृहस्पतिवार को अपनी मुहर लगा दी है। उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) के 15 हजार से अधिक रेल कर्मचारियों को इसका फायदा मिलेगा।
रेल कर्मियों को नहीं मिलेगा एरियर, चार जुलाई 22 से माना जाएगा प्रभावी
रेलवे द्वारा नाइट अलाउंस देने का फरमान भले ही जारी कर दिया हो लेकिन इसमें पिछला एरियर नहीं दिए जाने की भी बात स्पष्ट की गई है। बोर्ड द्वारा जारी पत्र में नाइट अलाउंस चार जुलाई 22 से ही प्रभावी माना जाएगा। इसे लेकर यूनियन नेताओं ने अपनी आपत्ति जताई है। मेंस यूनियन के महामंत्री आरडी यादव, इंपलाइज संघ के आलोक सहगल आदि का कहना है कि 43600 से ऊपर वेतन पाने वाले कर्मचारियों को भी बेसिक पे 43600 ही मानकर रात्रि भत्ता देने का आदेश पारित किया गया है। यह कर्मचारियों के साथ अन्याय है। यह भी कहा गया कि कर्मचारियों का एरियर जुलाई 2017 से दिया जाए।