सीएम ने अफसरों की नजर से देखा शहर का आधा सच
0 नेवादा मलिन बस्ती के लोगों ने सीएम के सामने उठाया शराब की दुकान का मुद्दा
0 स्वरूपरानी अस्पताल में भी मरीजों का लिया हालचाल, रक्तदाताओं का बढ़ाया मनोबल
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। दो दिनी दौरे पर इलाहाबाद आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को नेवादा मलिन बस्ती और स्वरूपरानी अस्पताल का निरीक्षण किया। हालांकि निरीक्षण का उनका यह कार्यक्रम औपचारिक ही साबित हुआ और उन्होंने वही देखा जो अफसरों ने दिखाया। अस्पताल में तो फरियादियों को ही नहीं, मीडिया का प्रवेश भी प्रतिबंधित कर दिया गया था।
सरकिट हाउस से कुछ दूर स्थित मलिन बस्ती में मुख्यमंत्री सुबह तकरीबन 10 बजे पहुंचे। वहां पहले से सब व्यवस्था दुरुस्त थी। निशी, राजदेवी आदि महिलाओं ने मुख्यमंत्री के सामने बस्ती में खुली शराब की दुकान का मुद्दा उठाया। इसकी वजह से वहां आए दिन मारपीट होती है। निशी ने मुख्यमंत्री को बताया कि कुछ दबंगों ने उनके पति तथा बेटा की पिटाई कर दी है। उन्होंने डीएम, आईजी सबसे शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। हालांकि, मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए दो दिन पहले से शराब की दुकान बंद करा दी गई थी। ऊषा से सीएम ने राशन कार्ड की बाबत जानकारी ली। बस्ती के लोगों से उन्होंने नाली की नियमित सफाई के बारे में पूछा। एक महिला ने बताया कि काफी समय बाद एक-दो दिन से सफाई हो रही है।
पार्षद अहमद अली ने सीएम को ज्ञापन सौंपकर बारिश में बाढ़ की समस्या से अवगत कराया। उन्होंने नगर निगम चुनाव के लिए वार्डों के आरक्षण निर्धारण में भी गड़बड़ी का आरोप लगाया। सीएम ने वहां कई लोगों से मांगपत्र भी लिए। कई अन्य बस्ती वासियों ने भी मुख्यमंत्री को अपनी व्यथा बताने की कोशिश की लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें वहां फटकने नहीं दिया। दूसरे कार्यकर्ताओं के नारों के बीच उनकी फरियाद दबकर रह गई। इस दौरान उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, मेयर अभिलाषा गुप्ता, विधायक हर्ष वर्धन बाजपेई भी मौजूद रहे।
तकरीबन आधा घंटा के निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री स्वरूपरानी अस्पताल पहुंचे। वहां उन्होंने हड्डी विभाग तथा अन्य वार्ड में भर्ती मरीजों का हालचाल लिया। वह रक्तदाताओं से भी मिले और उनका हौसला बढ़ाया। मुख्यमंत्री का सिविल लाइंस थाना के निरीक्षण का भी कार्यक्रम था लेकिन वहां न जाकर वह सीधे सांस्कृतिक केंद्र गए जहां, ऊर्जा विभाग की कई परियोजनाओं की शुरुआत की।
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प्रशासन की सजावट में नहीं दिख पाया सच
0 नेवादा मलिन बस्ती के आगे फेल हो गए पॉश इलाके
इलाहाबाद (ब्यूरो)। प्रशासनिक चमक -धमक और भाजपा कार्यकर्ताओं की शोर में स्वच्छता अभियान में अन्य शहरों से काफी पीछे रह गए इलाहाबाद की बदहाली का सच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नहीं देख पाए। नेवादा मलिन बस्ती तथा आसपास के क्षेत्र को तो ऐसे सजाया गया था कि पॉश इलाकों की व्यवस्था इसके आगे फेल रही। शहर के अन्य हिस्सों में भी विशेष सफाई की गई थी। कहीं कोई कमी न दिख जाए इसलिए सरकिट हाउस, सिविल लाइंस तथा आसपास के क्षेत्रों में दुकानें बंद करा दी गई थीं तथा पटरी के दुकानदार हटा दिए गए थे।पूरे क्षेत्र में सन्नाटा पसरा रहा।
सरकिट हाउस से नेवादा मलिन बस्ती तक सड़क के दोनों तरफ चुने का छिड़काव हुआ था। वहां कूड़े का ढेर तो दूर, एक पत्ता तक मिलना मुश्किल था। नालियां बिल्कुल साफ थीं। आमतौर जगह-जगह नालों की पानी का जमाव तथा बदबू मलिन बस्तियाें की पहचान हुआ करती हैं लेकिन वहां की स्थिति बिल्कुछ अलग थी। नेवादा मलिन बस्ती में हुई तैयारी का अंदाजा इससे भी लगाया जा सकता है कि वहां कीटनाशक पावडर के हुए छिड़काव की तीख गंध फैली हुई थी। इतनी तेज कि स्वयं मुख्यमंत्री निरीक्षण के दौरान मुंह ढके रहे। मुख्यमंत्री को जहां तक जाना था, वहां तक की सड़कें भी एक-दो दिन में बन गई थीं। मुख्यमंत्री को झोपड़ी-बस्ती वाले इलाके में नहीं ले जाया गया। बस्ती की ऊषा का कहना था कि, काश मुख्यमंत्री हमेशा आते रहते।
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