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यूनिक आईडी देने के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती

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यूनिक आईडी देने के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती
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0 प्रदेश सरकार और क्राइम ब्रांच से जवाब तलब
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले में पीड़ित की यूनिक आईडी क्राइम ब्रांच को देने के जिला जज इलाहाबाद के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। याचिका यूनिक आईडेंटीफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने डिप्टी डायरेक्टर एसके पांडेय के मार्फत दाखिल की है। हाईकोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार और क्राइम ब्रांच से जवाब तलब किया है। याचिका में जिला जज के आदेश की वैधता को याचिका दाखिल कर चुनौती दी गई है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति एसके गुप्ता तथा न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की खंडपीठ कर रही है।
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भारत सरकार के अधिवक्ता राजेश त्रिपाठी का कहना है कि पुराने कानून के तहत जिला जज की कोर्ट को ऐसा आदेश देने का अधिकार है, मगर कानून में संशोधन के बाद यह अधिकार हाईकोर्ट को मिल गया है। ऐसे में जिला जज ने क्षेत्राधिकार से बाहर जाकर आदेश दिया है जो विधि विरुद्ध है। बिहार के रवि कुमार ने प्रियदर्शिनी गैस एजेंसी नैनी के मालिक अजीत मेहता को भारत पेट्रोलियम के एरिया मैनेजर की हैसियत से फोन करके रुपये मांगे। उन्होंने बताए गए बैंक खाते में ढाई लाख रुपये जमा कर दिए। पैसा पटना की देवरिया शाखा में इलाहाबाद बैंक में जमा हुआ। दोबारा डेढ़ लाख रुपये और जमा किए। इसके बाद तीन लाख रुपये की और मांग की गई तो याची अजीत मेहता को शक हुआ। पता किया तो एरिया मैनेजर ने फोन कर रुपये नहीं मंगाए । इसके बाद प्राथमिकी दर्ज कराई गई। जांच से पता चला कि पटना के रवि कुमार ने एरिया मैनेजर बनकर ठगी की है। फर्जी आधार कार्ड दिया है। क्राइम ब्रांच ने रवि कुमार के आधार कार्ड की यूनिक आईडी मांगी थी, जिसे जिला जज ने देने का आदेश दिया जिसे भारत सरकार ने चुनौती दी है।
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