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मलेशिया में लापता हुए दोआबा के तीन युवक
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नौ दिसंबर को वतन के लिए थे निकले, 12 दिसंबर को पहुंचना था घर, परिजनों का हाल-बेहाल
अमर उजाला ब्यूरो
करारी(कौशाम्बी)। मलेशिया कमाने गए कौशाम्बी के तीन युवक लापता हो गए। नौ दिसबंर को वह अपने देश के लिए निकले थे। 12 दिसंबर को युवकों को घर पहुंचना था। घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने फोन पर बात करने का प्रयास किया तो मोबाइल बंद था। इस पर एजेंट से वार्ता की गई पर वह भी संतुष्ट नहीं कर सका। युवकों के लापता होने से परिजनों का हाल बेहाल है।
करारी थाना क्षेत्र के सराय चक सैयदअली सरैया गांव निवासी अफजल पुत्र हसमत नौ मई 2016 को मोबाइल कंपनी में काम करने के लिए मलेशिया के जोहर बहरु शहर गया था। इसके बाद उसने गांव के ही साथी रायचंद्र पुत्र प्रेमचंद्र और सोने लाल पुत्र रामधनी को भी अपने पास बुला लिया। पासपोर्ट और बीजा मिलने के बाद दोनों युवक 31 मई 2017 को मलेशिया पहुंचे थे। नौ दिसबंर को घर फोन कर युवकों ने वतन लौटने की जानकारी परिजनों को दिया था। बताया था कि वह सभी 12 दिसंबर 2017 को घर पहुंच जाएंगे। इसके बाद तीनों युवक लापता हो गए। समय से घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया पर संपर्क नहीं हो गया। युवकों के वतन नहीं लौटने पर परिजनों का हाल बेहाल है।
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लाडलों के इंतजार ने छीना सुख-चैन
अनहोनी की आशंका से भयभीत हैं घरवाले
अमर उजाला ब्यूरो
करारी(कौशाम्बी)। सराय चक सैयदअली सरैयां गांव के युवकों के लापता होने से परिजनों का सुख-चैन छिन गया है। लाडलों के इंतजार में घर वालों का हाल बेहाल है। परिजनोें को आस है कि उनके लाडले एक दिन घर जरूर लौटेंगे।
करारी थाना क्षेत्र के सराय चक सैयदअली सरैया गांव निवासी अफजल पुत्र हसमत पांच भाइयों में तीसरे नंबर का है। उसके तीन बहन भी है। जिनमें से दो की शादी हो चुकी है और सबसे छोटी बहन की शादी होना है। वहीं रायचंद्र और सोने लाल भी पांच-पांच भाई हैं। गरीबी के चलते दोस्त अफजल ने साथ बुलाया था। घर की माली हालत सुधारने के लिए सभी ने कमाई करने के लिए मलेशिया के जोहर बहरू शहर तक का सफर किया। नौ दिसंबर को मलेशिया से चलने के बाद युवक अचानक लापता हो गए। युवकों के वतन नहीं लौटने पर परिजनों का सुख-चैन छिन गया है। अनहोनी की आशंका से परिवार के लोग भयभीत हैं। परिजनों को पूरी उम्मीद है कि उनके लाडले लाडले घर जरूर लौटेंगे।
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तीन दिन तक घन-घनाई मोबाइल की घंटी
करारी(ब्यूरो)। सराय चकसैयद अली सरैया गांव के युवक वतन लौटने की जानकारी परिजनों को देने के बाद लापता हो गए। निर्धारित तारीख पर घर नहीं पहुंचने पर परिवार के लोगों ने संपर्क साधने का प्रयास किया। तीन दिन तक युवकाें के मोबाइल की घंटी घनघनाती रही इसके बाद मोबाइल स्विच ऑफ हो गया।
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किससे लगाएं गुहार
करारी(ब्यूरो)। युवकों के लापता होने से बेबस घर वाले सहमे हुए हैं। परिजनों का कहना है कि वह किससे गुहार लगाएं। यहां से लेकर मलेशिया तक उनकी कौन सुनने वाला है। किसके पास जाएं और अपना दुखड़ा रोएं। बस यहीं सब बातें सोच-सोचकर पीड़ित परिवार परेशान हैं। आखिर इतने बड़े शहर में उनका कौन है जो उनकी मदद करेगा।
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तीन परिवार के सपनों को लगा ग्रहण
करारी(ब्यूरो)। सराय चक सैयदअली सरैया गांव निवासी हसमत, प्रेमचंद्र और रामधनी के सपनों पर कुदरत का ग्रहण लग गया। कमाई कर घर लौटने की खबर परिवार के लोगों को हुई तो खुशी से झूम उठे। यह खुशी चौथे दिन खामोशी में बदल गई। बेटों के लापता होने से परिजनों का हाल बेहाल है।
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गांव का शमशुल सोमालिया में हुआ था अगवा
करारी(ब्यूरो)। सराय चक सैयदअली गांव का शमशुल हसन उर्फ इशरार इरानी शिप में इंजीनियर है। 19 नवंबर 2008 को वह इरानी शिप से जर्मनी जा रहा था। सोमालिया के समीप लुटेरों ने उसे अगवा कर लिया था। 57 दिन बंधक रहने के बाद कंपनी ने बदमाशों को रंगदारी देकर शमश्ुाल को रिहा कराया था।
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90-90 हजार में युवक भेजे गए थे मलेशिया
करारी(ब्यूरो)। एजेंट ने युवकों को मलेशिया भेजने के लिए 90-90 हजार रुपये लिया था। परिजनों की मानें तो एजेंट का कहना है कि मलेशिया पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया था। उधर चर्चा है कि एजेंट ने गुमराह करते हुए युवकों को विजिट बीजा थमा दिया था। हालांकि इस बाबत अभी स्थिति साफ नहीं हो रही है। कि युवकों का क्या हुआ।
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क्या कहते हैं अफसर
मामला संज्ञान में नहीं है। शिकायत मिलने पर मलेशिया सरकार को पत्र लिखकर युवकों का पता लगाया जाएगा।
प्रदीप गुप्ता-एसपी
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