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मां की हत्या में बेटे को उम्रकैद

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वृद्ध मां की निर्मम हत्या में पुत्र को उम्रकैद
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0 कोर्ट ने कहा कि मां-बेटे के पवित्र रिश्ते को किया कलंकित, सहानुभूति का पात्र नहीं अभियुक्त
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। जिला न्यायालय ने 65 साल की मां को डंडे से पीट कर मौत के घाट उतारने वाले पुत्र छेदी लाल प्रजापति को उम्रकैद और दस हजार के जुर्माने की सजा सुनाई है। अपने निर्णय में कोर्ट ने कहा है कि अभियुक्त ने मां-बेटे के पवित्र रिश्ते को कलंकित किया है। जिस मां ने पाल-पोस कर बड़ा किया उसी की निर्मम हत्या कर दिया। इसलिए वह किसी तरह के सहानुभूति का पात्र नहीं है। यह आदेश एडीजे सुदीप कुमार जायसवाल ने डीजीसी राम अभिलाष सिंह को सुनकर दिया है।
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अभियोजन के अनुसार प्रकरण बारा थाने के ग्राम परसरा का है। घटना 12 जून 2016 की है। मृतका छब्बा देवी (65) घर के बाहर बर्तन धो रही थी। उसका पुत्र छेदीलाल प्रजापति चाहता था कि उसकी साली की शादी उसके छोटे भाई विजय बहादुर से हो जाए। मां उसकी शादी कहीं और करना चाह रही थी। इसी बात को लेकर मां-बेटे में कहा सुनी हो गई थी। आरोपी गुस्से में डंडा लेकर आया और मां के सिर पर जोरदार प्रहार किया। जिससे सिर फट गया और मृतका का मस्तिष्क बाहर निकल आया और मौके पर मौत हो गई। मृतका का पति जीतलाल अपनी बहू को बुलाने गया था। छोटा पुत्र विजय मुंबई में था। रिपोर्ट मृतका के भाई बद्री प्रसाद ने दर्ज कराई थी। आरोप साबित करने के लिए अभियोजन ने नौ गवाह पेश किया है। कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाते हुए कहा कि अभियुक्त किसी सहानुभूति का पात्र नहीं है। यदि उसे कोई रियायत दी जाती है तो इससे समाज में गलत संदेश जाएगा और नैतिक पारिवारिक और सामाजिक मूल्यों पर से लोगों का विश्वास उठ सकता है।
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