इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सचिव उप्र शिक्षा परिषद प्रयागराज को स्पष्टीकरण के साथ 25 अगस्त को पेश होने का निर्देश दिया है और कहा है कि दुर्भाग्यपूर्ण है कि कोर्ट के कार्रवाई के आदेश के बावजूद बिना मान्यता के मैनपुरी में जूनियर हाईस्कूल चल रहा है। ऐक्शन न लेने के कारण अवमानना का केस बनता है। यह आदेश न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया ने शिवनाथ दूबे की अवमानना याचिका पर दिया है।
कोर्ट ने बीएसए मैनपुरी को जांच कर गैर मान्यता मैनपुरी में चल रहे स्कूलों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। बीएसए ने बताया कि सचिव को पत्र लिखा। राजनारायण पूर्व माध्यमिक विद्यालय पैरारशाहपुर मैनपुरी की मान्यता वापस लेने की अनुमति मांगी। सचिव ने कोई कार्रवाई नहीं की। तीन बार अनुस्मारक भेजे गए। स्कूल चल रहा है। अध्यापक स्टाफ वेतन सरकार से ले रहे हैं।जिसे कोर्ट ने अवमाननाकारी माना।