इनके अलावा यहां फंसे मध्य प्रदेश के श्रमिकों को भी उनके गृह जनपद भेजा गया। यहां 30 जिलाें का केंद्र बनाया गया था। इन जिलाें के 600 से अधिक मजदूर बृहस्पतिवार को ही यहां आ गए थे। इन्हें मध्य प्रदेश भेजने की प्रक्रिया रात में ही शुरू हो गई थी। जो रह गए थे उन्हें शुक्रवार सुबह भेजा गया। इसी तरह मध्य प्रदेश में फंसे श्रमिक भी यहां लाए गए। सीएवी इंटर कालेज परिसर को प्रदेश के 32 जिलों का केंद्र बनाया गया था। इन जिलों के 1450 श्रमिकों को मध्य प्रदेश परिवहन की बसों से यहां लाया गया। बृहस्पतिवार रात में ही उन्हें अपने-अपने गृह जनपद भेजने का क्रम भी शुरू हो गया था। शेष को शुक्रवार की सुबह भेजा गया।
घर वापसी के लिए बढ़ा दबाव, महाराष्ट्र के सबसे अधिक फोन
सरकार की घोषणा के बाद घर वापसी के लिए दबाव बढ़ गया है। गौर करने वाली बात यह है कि यहां कोरोना के जो भी पॉजिटिव मामले आए हैं उनमें ज्यादातर का महाराष्ट्र से संबंध है और घर वापसी के लिए सबसे अधिक फोन भी वहीं से आ रहे हैं। कंट्रोल रूम में लगातार फोन आ रहे हैं कि उन्हें अपने गृह जनपद बुलाए जाने की क्या व्यवस्था है। इनमें ज्यादातर फोन महाराष्ट्र, चंडीगढ़, गुजरात में फंसे लोेग आ रहे हैं। ऐसे में प्रशासन की चिंता और बढ़ गई है।
नए उद्योगों पर जोर, ताकि यहीं मिले रोजगार
जिले में रोजगार उपलब्ध कराने के मकसद से सरकार का स्वरोजगार तथा उद्योग की योजनाओं पर जोर है। इसी के तहत मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के अंतर्गत ऋण के इच्छुक युवाओं से 10 मई तक आवेदन मांगे गए हैं। आवेदन विभाग के पोर्टल http://diupmsme.upsdc.gov.in पर ऑनलाइन करना है। सभी आवश्यक दस्तावेज भी पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। उपायुक्त उद्योग अजय चौरसिया ने बताया कि उनके कार्यालय के पटल सहायक के मोबाइल नंबर 7007424114 पर संपर्क करके अधिक जानकारी प्राप्त की जा सकती है। उपायुक्त ने बताया कि दूसरे प्रदेश में फंसे श्रमिकों को लाया जा रहा है। इन्हें स्थानीय स्तर पर ही रोजगार उपलब्ध हो सके इसलिए इन योजनाओं के विस्तार की योजना बनाई गई है।