मार्च 2024 से मार्च 2025 तक साइबर सेल पुलिस ने करीब 13500 खाते फ्रीज किए। इसमें चालू खातों की संख्या ज्यादा है। अधिकतर खाते ओडिशा, मध्यप्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, राजस्थान, हैदराबाद, बिहार, दिल्ली, झारखंड के अलावा अन्य राज्यों के हैं।
प्रयागराज में रोजाना करीब 20 से 25 मामले ठगी के आ रहे हैं। साइबर ठग ओएलएक्स, बैंककर्मी, आर्मी अफसर, डिजिटल अरेस्ट, टास्क, घर बैठे नौकरी देने के नाम पर ठगी करते हैं। पुलिस से बचने के लिए वह खाते के ठगी के पैसे कई अन्य खातों में ट्रांसफर कर देते हैं। इसके बाद बिटक्वाइन समेत अन्य माध्यम से इसे निकाला जाता है।
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फर्जी आईडी व मजदूर के नाम पर होते हैं खाते
बंद कराए खाते से पता चला कि जिन खातों का इस्तेमाल साइबर जालसाज ठगी में करते हैं वह, अक्सर गरीब, मजदूर व छोटे आय वर्ग के लोगों के नाम से खुले होते हैं। जिस वजह से साइबर ठग तक पुलिस नहीं पहुंच पाती है। सूत्रों के मुताबिक, करीब 1000 बैंक खाते साइबर पुलिस की रडार पर है। पुलिस इन सभी खातों को ट्रैक कर रही है।
खुद को ही नहीं पता खाता भी है... एक्सपर्ट
यूपी पुलिस के साइबर विशेषज्ञ राहुल मिश्रा ने बताया कि साइबर ठग कई बार तो लोगों को कमीशन देकर खाता खरीद लेते हैं, लेकिन अधिकतर ऐसे केस आते हैं जिनको पता ही नहीं होता है कि उनके नाम से चालू बैंक खाता भी है। लेकिन अगर कुछ बातों का ध्यान रखा जाए तो इससे बचा जा सकता है।
ऐसे करें बचाव
- किसी भी दस्तावेज के लिए दिए गए फिंगरप्रिंट को ध्यान से दें
- एक बार से अधिक कोई भी फिंगरप्रिंट ले रहा तो सतर्क हो जाएं
- अगर खाते में अधिक पैसा आ जाए तो तत्काल सूचना बैंक व पुलिस को दें
- कोई भी अगर बहाने से आपके खाते में पैसा मंगवा रहा है तो अलर्ट हो जाएं
- लालच में आकर अपना खाता किसी और को बिलकुल न दें
- ठगी होने पर कंट्राेल रूम नंबर 1930 या फिर cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं