‘मेरी आस्था तो पिता ही हैं’
0 व्हील चेयर का दावा बेदम, पिता को पीठ पर लेकर संगम पहुंचे राकेश
अविनाशी श्रीवास्तव
प्रयागराज। श्रवण कुमार की माता-पिता के प्रति भक्ति के बारे में सभी ने पढ़ा है। वसंत पंचमी स्नान पर्व पर संगम क्षेत्र में वैसी ही भक्ति देखने को मिली। प्रतापगढ़ के राकेश पिता को अपने पीठ पर लेकर संगम पहुंचे। उन्होंने इस तरह छह किमी से अधिक की दूरी तय की। वैसे तो मेले में दूरदराज के कई लोग अपने वृद्ध माता-पिता को लेकर पहुंचे थे लेकिन, राकेश सबसे अलग नजर आए। वहीं यह दृश्य मेला क्षेत्र में बुजुर्गों-दिव्यांगों के लिए व्हीलचेयर उपलब्ध कराने के दावे को आइना भी दिखा रहा था।
चलने में असमर्थ अपने पिता को लेकर राकेश तेज कदमों से संगम की ओर बढ़े जा रहे थे। उनके पीछे उनकी पत्नी भी थीं। बेटे की इस श्रद्धा और समर्पण के आगे अन्य श्रद्धालु भी नतमस्तक थे और राकेश के लिए खुद ब खुद रास्ता छोड़ दे रहे थे। राकेश का कहना था, ‘पिता की आस्था संगम स्नान की है और मेरी उनमें।’ इसलिए उन्हें स्नान कराने के लिए लाया लेकिन, उनकी गाड़ी बालसन से पहले ही रोक दी गई। इसकी वजह से पिता को पीठ पर लेकर संगम स्नान कराने के लिए जाना पड़ा। राकेश का कहना था कि संगम क्षेत्र में प्रवेश करते समय व्हीलचेयर के बारे में पूछा लेकिन उसके बारे में बताने वाला भी नहीं था। राकेश के अलावा कई अन्य श्रद्धालु भी रहे जो मां-पिता को स्नान कराने के लिए संगम पहुंचे थे।