शिक्षामित्रों के साथ नियमित शिक्षक भी आंदोलन की राह पर
विभिन्न मांगों को लेकर आज और कल सर्व शिक्षा अभियान कार्यालय पर देंगे धरना
शिक्षामित्रों के आंदोलन के कारण पहले ही पठन-पाठन की स्थिति खराब
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
शिक्षामित्रों के आंदोलन के कारण परिषदीय विद्यालयों में पठन-पाठन की स्थिति पहले ही गड़बड़ाई हुई है। इस बीच नियमित शिक्षकों ने विभिन्न मांगों को लेकर 22 एवं 23 अगस्त को धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दे दी है। शिक्षामित्रों के विद्यालयों में आ आने और अब नियमित शिक्षकों के दो दिवसीय धरने के कारण परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर जाएगी। ऐसा इसलिए भी कि उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने शिक्षकों को दो दिन सामूहिक अवकाश लेकर धरने में शामिल होने की अपील की है।
शिक्षामित्रों का सहायक अध्यापक के पद से समायोजन रद्द होने के बाद 26 जुलाई से ही परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाई-लिखाई प्रभावित है। नियमित करने की मांग को लेकर शिक्षामित्र एक सप्ताह तक लगातार धरना-प्रदर्शन करते रहे। फिर एक अगस्त को लखनऊ में मुख्यमंत्री ने शिक्षामित्रों के प्रतिनिधिमंडल से वार्ता कर 15 दिन में समाधान निकालने का आश्वासन दिया और शिक्षामित्रों को काम पर लौटने को कहा लेकिन ज्यादातर शिक्षामित्रों ने विद्यालय नहीं जाना शुरू किया और सीएम के निर्णय का इंतजार करते रहे। इसकी वजह शिक्षामित्रों के भरोसे चलने वाले खासकर दूरदराज ग्रामीण इलाकों के विद्यालयों में पढ़ाई ठप हो गई। 16 अगस्त तक सीएम की ओर से कोई घोषणा न होने पर शिक्षामित्रों ने 17 अगस्त से सत्याग्रह आंदोलन शुरू कर दिया और अब वे लखनऊ में अनशन कर रहे हैं।
इस बीच परिषदीय विद्यालयों के नियमित शिक्षकों ने पुरानी पेंशन चालू करने, राज्य कर्मियों की भांति कैशलेस चिकित्सा सुविधा, मृतक आश्रितों को शिक्षक पद पर नियुक्ति करने, वेतन विसंगति के कारण सातवें वेतनमान में आई कमी दूर करने, एमडीएम, ड्रेस वितरण एनसीओ से कराने आदि की मांग पर 22 एवं 23 अगस्त को धरना-प्रदर्शन का निर्णय लिया है। शिक्षक दो दिन सर्व शिक्षा अभियान कार्यालय पर धरना देंगे। इसकी वजह से विद्यालय बंद रहने की नौबत आ जाएगी क्योंकि शिक्षक संघ ने शिक्षकों से सामूहिक अवकाश लेकर धरने में शामिल होने की अपील की है।