अलीगढ़ के ध्यानार्थ
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पूर्व विधायक हत्याकांड की सुनवाई
चार माह में पूरी करने का दिया आदेश
0 सुप्रीमकोर्ट, हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद बार-बार टल रही मलखान सिंह हत्याकांड की सुनवाई
0 मुकदमे की सुनवाई टालने की कोशिश पर हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। अलीगढ़ के चर्चित विधायक मलखान सिंह हत्याकांड की सुनवाई बार-बार टलने पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई है। कोर्ट ने मुकदमे का ट्रायल चार माह में पूरा करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने इस मामले के अभियुक्तों को अगली सुनवाई की तिथि पर उपस्थित रहने और अनावश्यक रूप से किसी को तारीख नहीं देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने अधीनस्थ न्यायालय को निर्देश दिया है कि यदि अभियुक्तगण हाजिर न हों तो उनकी जमानत निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू की जाए। कोर्ट ने अगली सुनवाई 29 मई नियत करते हुए याची से कहा है कि वह अधीनस्थ न्यायालय में इस दौरान हुई कार्यवाही का ब्यौरा प्रस्तुत करे।
वादी मुकदमा दलवीर सिंह की याचिका पर न्यायमूर्ति एसडी सिंह ने यह आदेश अधिवक्ता रौनक चतुर्वेदी को सुनकर दिया है। याची के अधिवक्ता का कहना था कि 2006 में तत्कालीन विधायक मलखान सिंह की हत्या कर दी गई थी। उनका गनर भी घटना में मारा गया। दो लोग घायल हुए थे। इसकी प्राथमिकी थाना क्वार्सी में दर्ज कराई गई। मुकदमे का ट्रायल बुलंदशहर में चल रहा है। मुकदमे का ट्रायल जल्दी पूरा करने के लिए सुप्रीमकोर्ट और हाईकोर्ट का आदेश है। इसके बावजूद अभियुक्तगण स्थानांतरण अर्जी दाखिल कर और दूसरे तरीकों से सुनवाई टालने का लगातार प्रयास कर रहे हैं जिसकी वजह से ट्रायल पूरा नहीं हो पा रहा है। मुकदमे में दर्जन भर के करीब अभियुक्त हैं। हर बार उनमें से कोई न कोई मुकदमा स्थानांतरित करने की अर्जी दाखिल देता है। अभियुक्त तेजवीर की अर्जी पर एक बार मुकदमा स्थानांरित करने का आदेश हो भी चुका है। अभियुक्तगण सुनवाई टलवाने का कोई न कोई तरीका निकाल ले रहे हैं। इस पर नाराजगी जताते हुए हाईकोर्ट ने अधीनस्थ न्यायालय को चार माह में ट्रायल पूरा करने का आदेश दिया है।