आचार संहिता उल्लंघन में नंदी बरी
प्रयागराज। स्पेशल कोर्ट एमपीएमएलए ने मंत्री नंदगोपाल गुप्ता के खिलाफ लंबित अचार संहिता उल्लंघन का मुकदमा समाप्त करते हुए उनको बरी कर दिया है। इस मुकदमे में कोर्ट द्वारा संज्ञान लिए जाने के खिलाफ नंदी की ओर से फौजदारी निगरानी दाखिल की गई थी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया था।
यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी ने जेष्ठ अभियोजन अधिकारी राधाकृष्ण मिश्र एडीजीसी राजेश गुप्ता और बचाव पक्ष के अधिवक्ता प्रमोद सिंह नीरज को सुनकर दिया है। घटना 30 अप्रैल 2014 की मुट्ठीगंज थाने की है। गऊघाट पुलिस चौकी प्रभारी राकेश चौरसिया ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी नंद गोपाल गुप्ता नंदी बिना अनुमति के जनसभा कर रहे थे। पुलिस ने आचार संहिता उल्लंघन का मुकदमा दर्ज किया था। आरोपपत्र पर कोर्ट ने 26 नवंबर 2014 को संज्ञान लिया था। इसके खिलाफ नंदी ने जिला जज की कोर्ट में फौजदारी निगरानी दाखिल की थी। कोर्ट ने निगरानी स्वीकार कर संज्ञान आदेश को निरस्त कर दिया था। पत्रावली सुनवाई के लिए स्पेशलकोर्ट आई थी। स्पेशल कोर्ट ने मुकदमा चलाए जाने का औचित्य न पाते हुए इसे समाप्त कर दिया है।
जवाहर हत्याकांड केस वापसी
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सत्र न्यायालय के आदेश को सरकार देगी चुनौती
हाईकोर्ट में निगरानी दाखिल करने का शासन को भेजा प्रस्ताव
प्रयागराज। करवरिया बंधुओं पर से जवाहर हत्याकांड का मुकदमा वापस लेने के लिए सरकार हाईकोर्ट जाएगी। सत्र न्यायालय से मुकदमा वापसी की अर्जी खारिज होने के बाद इसे हाईकोर्ट में चुनौती देने की तैयारी है। आदेश के खिलाफ निगरानी दाखिल करने के लिए अभियोजन ने शासन को इस आशय का प्रस्ताव भेजा है। डीजीसी गुलाब चन्द अग्रहरि ने बताया कि करवरिया बंधुओं के खिलाफ लंबित मुकदमा जवाहर हत्याकांड की वापसी के लिए विशेष लोक अभियोजक रणेंद्र प्रताप सिंह ने मुकदमा वापसी की अर्जी विशेष न्यायालय में प्रस्तुत की थी। कोर्ट ने 10 दिसंबर 2018 को अर्जी खारिज कर दी थी।
कोर्ट के आदेश के खिलाफ अभियोजन ने निगरानी प्रस्तुत करने का प्रस्ताव जिलाधिकारी को दिया है, जिसे डीएम ने उत्तर प्रदेश सरकार के न्याय विभाग के विशेष सचिव को भेजा है। अनुमति मिलने के बाद अभियोजन हाईकोर्ट में निगरानी दाखिल करेगा।