पूर्वोत्तर में नागा संन्यासी रोकेंगे धर्मांतरण
क्रासर
अखाड़ा परिषद के पदाधिकारियों ने कुंभ की सफलता को कामाख्या देवी के दरबार में की आराधना
नगालैंड, त्रिपुरा, मेघालय, मिजोरम के धर्म गुरुओं संग धर्मांतरण रोकने के लिए बनाई रणनीति
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। प्रयाग कुंभ की सफलता और अयोध्या में जल्द राम मंदिर निर्माण की कामना से शुक्रवार को अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष, महामंत्री समेत कई पदाधिकारियों ने मां कामाख्या देवी की सविधि आराधना की। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा, महाआरती हुई। इसके बाद परिषद के पदाधिकारियों ने पूर्वोत्तर में मिशनरियों के बढ़ते प्रभाव और धर्मांतरण के मसले पर साधु-संतों के साथ बैठक की। भरोसा दिलाया कि धर्मांतरण रोकने के लिए परिषद पूरी ताकत के साथ वहां के संतों की मदद करेगी। जरूरत पड़ी को नागा संन्यासियों को भी भेजा जाएगा। असोम सरकार के निमंत्रण पर अखाड़ा परिषद के पदाधिकारी वहां पहुंचे हैं।
सरकारी बुलावे पर असोम पहुंचे अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि महाराज, महामंत्री हरि गिरि महाराज व परिषद के अन्य पदाधिकारियों ने मां कामाख्या देवी मंदिर में पूजा की। परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने बताया कि इस दौरान 2019 के कुंभ मेला को निर्विघ्न संपन्न कराने, अयोध्या में राम मंदिर निर्माण जल्द से जल्द शुरू होने के लिए मां की आराधना की गई। साथ ही देश के किसानों की खुशहाली के लिए भी प्रार्थना की गई। इसके बाद अखाड़ा परिषद के पदाधिकारी त्रिपुरा, मेघालय, मिजोरम और नगालैंड के धर्म गुरुओं से भी मिले। बैठक करके उनकी समस्याएं सुनी गईं। पूर्वोत्तर के धर्मगुरुओं ने ईसाई मिशनरियों की ओर से तेजी से कराए जा रहे धर्मांतरण पर चिंता जताई और इसे रोकने की दिशा में कदम उठाने का आग्रह किया। परिषद के अध्यक्ष महामंत्री ने भरोसा दिलाया कि इस मसले पर केंद्र और प्रदेश की सरकारों से मिलकर जरूरी कदम उठाने के लिए कहा जाएगा। साथ ही धर्मांतरण रोकने के लिए जरूरत पड़ने पर नागा संन्यासियों को भी ऐसे इलाकों में कैंप करने के लिए भेजा जाएगा। इस दौरान धर्म गुरुओं की ओर से अखाड़ा परिषद के पदाधिकारियों को सम्मानित किया गया।