पार्कों को हर हाल में बहाल करे मथुरा औद्योगिक निगम
0 जयगुरुदेव संस्थान और प्राइवेट उद्योगों को भी आपत्ति दाखिल करने का निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
हाईकोर्ट की खंडपीठ ने मथुरा औद्योगिक विकास निगम को निर्देश दिया है कि वह पार्क की जमीन खाली कराकर बहाल करे। मथुरा में औद्योगिक विकास निगम की जमीन पर बाबा जयगुरुदेव धर्म प्रचार संस्थान द्वारा अवैध कब्जा करने और निगम द्वारा पार्क की जमीन उद्योगों को आवंटित करने के मामले में सुनवाई कर रही पीठ ने बाबा जयगुरुदेव धर्म प्रचार संस्थान और निजी उद्योगों को भी इस मामले में आपत्तियां दाखिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि पार्क की जमीन जिन उद्योगों को आवंटित की गई है, उनको दूसरी जगह जमीन दी जाए मगर वह जमीन ग्रीन बेल्ट में नहीं होनी चाहिए।
राजेंद्र सिंह की जनहित याचिका पर न्यायमूर्ति अरुण टंडन और न्यायमूर्ति ऋतुराज अवस्थी की पीठ सुनवाई कर रही है। सरकार की ओर से दाखिल हलफनामे में कहा गया कि 12 बीघा जमीन अतिक्रमण मुक्त करा ली गई है। कोर्ट ने उन उद्योगों को अपनी आपत्ति दाखिल करने के लिए कहा है जिनको पार्क की जमीन आवंटित की गई है। जय गुरुदेव धर्म प्रचार संस्थान के वकील ने आपत्ति करते हुए कहा कि डीएम की रिपोर्ट में 2.63 हेक्टेयर जमीन पर संस्थान का अवैध कब्जा माना गया है, जबकि इस जमीन पर उनका कब्जा नहीं है। उनको निगम ने जो मकान आवंटित किए हैं। प्रशासन कोर्ट के आदेश के सहारे उसका आवंटित भवन गिरा रहा है जबकि इस पर अदालत का स्थगनआदेश भी है। कोर्ट ने सभी पक्षों को 20 सितंबर तक अपनी आपत्ति दाखिल करने का निर्देश दिया है।
इससे पूर्व अदालत ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया था कि औद्योगिक विकास निगम की जमीन से जयगुरुदेव संस्थान का अवैध कब्जा हटाकर मुक्त कराया जाए। यह भी बात सामने आई कि निगम ने पांच पार्कों की जमीन उद्योगों को आवंटित कर दी है और पार्कों का कुछ पता नहीं है। अदालत ने इस सख्त आदेश दिए। उद्योगों की ओर से भी पक्षकार बनाने की अर्जियां दाखिल की गई हैं।