हमारे मोहल्ले में नाली नहीं है। सड़क खराब है। हर महीने सीवर की सफाई में 1200 रुपये खर्च हो जाते हैं। ऐसे में हाउस टैक्स कैसे भरें। यह तकलीफ है झूंसी के कोहना वार्ड संख्या 45 के सरायतकी निवासियों की।
मंगलवार को नगर निगम में जनसुनवाई के दौरान यहां के तीन सेवानिवृत्त अधिकारी अपने इलाके की समस्याएं लेकर पहुंचे। इनका आरोप है कि महाकुंभ मेले के लिए स्वीकृत कार्य में अधिकारियों और ठेकेदारों ने लीपापोती की है। इस संबंध में 11 जुलाई 2024 को मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजा था।
शिकायत के बाद अधिकारियों ने सर्वे किया। दिसंबर 2024 तक नाली और सड़क निर्माण का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने बताया था कि महाकुंभ मेले के लिए बजट आ गया है। बाद में पहले से बनी सड़क और नाली के आसपास ही लीपापोती कर काम खत्म कर दिया गया। इससे उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया है।
यह मोहल्ला संगम से मात्र तीन किलोमीटर दूर स्थित है। यहां नाली का पानी जगह-जगह रुका रहता है। सर्वे में लगभग 200 मीटर क्षेत्र में काम की पहचान की गई थी। इसमें कमलेश श्रीवास्तव के घर से आत्माराम दुबे के घर तक का हिस्सा शामिल था। आगे राम तोलन के घर तक भी काम होना था। परशुराम अहिरवार के घर से जवाहर लाल के घर तक का क्षेत्र भी चिह्नित था। यह हिस्सा छतनाग सड़क को जोड़ता है।
स्थानीय निवासी आत्माराम दुबे का कहना है कि वह पिछले दो साल से नगर निगम के चक्कर लगा रहे हैं। अब अधिकारियों का कहना है कि इस काम के लिए बजट नहीं है।
35 मामलों पर हुई सुनवाई
नगर निगम की जनसुनवाई में कुल 35 मामले पहुंचे। इनमें नाले-नालियों की सफाई, इंटरलॉकिंग, प्रकाश व्यवस्था, हाउस टैक्स, वाटर टैक्स, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, सड़क निर्माण सहित कई अन्य मामलों पर अपर नगर आयुक्त राजीव शुक्ला व अरविंद राय ने सुनवाई की।