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प्रयागराज : जिले में 120 शत्रु संपत्तियां चिह्नित, कागजात जुटाने के लिए सर्वेक्षक नियुक्त

Thu, 20 Jul 2023 04:10 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

गृह मंत्रालय की ओर से शत्रु संपत्तियों की तलाश शुरू की गई है। इसके तहत करीब छह महीने पहले जिलों से शत्रु संपत्तियों का विवरण मांगा गया था। अब तक प्रयागराज में 120 शत्रु संपत्तियां चिह्नित की गई हैं। सदर तहसील में ही तीन दर्जन से अधिक शत्रु संपत्तियां हैं।
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शत्रु संपत्ति। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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शत्रु संपत्ति को लेकर शासन का रुख सख्त हो गया है। जिले में 120 शत्रु संपत्तियां चिह्नित की गई हैं, लेकिन जिला प्रशासन सभी भूखंड के कागजात उपलब्ध नहीं करा सका है। ऐसे में शत्रु संपत्ति अभिरक्षक विभाग ने जिले में सर्वेक्षक की नियुक्ति कर दी है। सर्वेक्षक को 15 दिनों में ब्योरा एकत्रित कर रिपोर्ट गृह मंत्रालय को भेजनी है।

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गृह मंत्रालय की ओर से शत्रु संपत्तियों की तलाश शुरू की गई है। इसके तहत करीब छह महीने पहले जिलों से शत्रु संपत्तियों का विवरण मांगा गया था। अब तक प्रयागराज में 120 शत्रु संपत्तियां चिह्नित की गई हैं। सदर तहसील में ही तीन दर्जन से अधिक शत्रु संपत्तियां हैं। हालांकि, ज्यादातर संपत्तियों के दावेदार सामने आए हैं, लेकिन कई पर अवैध कब्जा है।
सर्वे के बाद मऊआइमा में एक जमीन खाली भी कराई गई थी, लेकिन फिर शत्रु संपत्तियों से अवैध कब्जे हटाने की प्रक्रिया ठप हो गई।

पूर्व में हुए सर्वे के लिए आई केंद्रीय टीम में शामिल एक सदस्य का कहना है कि जिला प्रशासन की ओर से संपत्तियों का लगातार विवरण मांगा जाता रहा, लेकिन नहीं मिला। यह स्थिति ज्यादातर जिलों की रही। इसी क्रम में सर्वेक्षकों को जिलेवार जिम्मेदारी सौंपी गई है।

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रामसूरत शुक्ला को दी गई प्रयागराज की जिम्मेदारी

प्रयागराज में रामसूरत शुक्ला को सर्वेक्षक बनाया गया है। उनका कहना है कि 10 से 15 दिन में सभी संपत्तियों के कागजात एकत्रित किए जाने हैं। इसके बाद सर्वे कराया जाएगा कि संपत्तियों की स्थिति क्या है। हालांकि, सीआरओ कुंवर पंकज का कहना है कि तहसीलवार शत्रु संपत्तियों का विवरण तैयार किया गया है। उनके कागजात भी उपलब्ध हो गए हैं।

किराये पर उठाई जाएंगी शत्रु संपत्तियां

शत्रु संपत्ति का इस्तेमाल निर्माण योजनाओं और किराये पर उठाकर राजस्व बढ़ाने की योजना है। इसका पत्र भी जारी किया गया है। इसी क्रम में सीआरओ ने सभी तहसीलों को निर्देश दिया है। हालांकि, सदर तहसील की शत्रु संपत्ति को ही किराये पर लेने के लिए कोई तैयार नहीं है। सीआरओ का कहना है कि कई शत्रु संपत्तियों पर प्रशासन का कब्जा है। इन्हें किराये पर दिए जाने का आदेश दिया गया है, लेकिन तहसीलों ने प्रस्ताव ही नहीं भेजा।
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