फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Prayagraj News: आगजनी और बवाल के मामले में 12 लोग पुलिस हिरासत में

विज्ञापन
विज्ञापन
करनाईपुर बाजार में अतिक्रमण हटाने के लिए राजस्व टीम के पहुंचने पर आगजनी, बवाल और नायब तहसीलदार को पत्थर मारकर जख्मी करने के मामले में पुलिस उपद्रवियों की धरपकड़ में जुट गई है। 12 लोगों को हिरासत लेकर पूछताछ की जा रही है। वीडियो के जरिये उपद्रवियों को चिह्नित किया जा रहा है।
विज्ञापन

बहरिया थाना क्षेत्र के जुगनीडीह निवासी मो. जुबेर ने करनाईपुर में शंकर लाल बिंद से पट्टे की जमीन का बैनामा कराया था। इसी जमीन पर अतिक्रमण हटवाने के लिए मोहम्मद जुबेर ने एसडीएम फूलपुर के कोर्ट में वाद दाखिल किया था। सोमवार को नायब तहसीलदार राजीव शुक्ला, राजस्व टीम और पुलिस बल के साथ अतिक्रमण हटाने के लिए पहुंचे। इसी दौरान पत्थर बाजी होने लगी। पत्थर लगने से नायब तहसीलदार राजीव शुक्ला जख्मी हो गए। उनको शहर स्थित एक नर्सिंगहोम में भर्ती कराया गया।
इसी बीच किसी ने विवादित भूमि में रखे गए छप्परों में आग लगा दी। घटना की जानकारी होने पर एसीपी फूलपुर विवेक यादव भी मौके पर पहुंचे। मामले में सोमवार की रात में राजस्व निरीक्षक राजेंद्र प्रसाद यादव की तहरीर पर राजेंद्र प्रसाद, संतोष कुमार, अमन कुमार, लाल जी यादव, बनवारी लाल, राम अभिलाष, राजाराम, रामसरन, रामधन, लाल बहादुर, श्याम लाल, राजू विश्वकर्मा, गिरजा शंकर और तीन दर्जन अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने रात में ही दबिश देकर 12 लोगों को हिरासत में लिया है।
विज्ञापन

मृतकों के नाम भी दर्ज कराई गई प्राथमिकी

करनाईपुर में अतिक्रमण हटाने के लिए राजस्व टीम के पहुंचने पर हुए बवाल में राजस्व निरीक्षक राजेंद्र प्रसाद यादव की तहरीर में 13 लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इसमें नामजद बनवारी लाल, रामधन और श्यामलाल की मौत कई साल पहले हो चुकी है। जिसको लेकर पुलिस और राजस्व विभाग की किरकिरी हो रही है।

गांव का मानचित्र नहीं, फिर भी हो गई पैमाइश
करनाईपुर निवासी शंकर लाल बिंद्र, लालचंद बिंद और फूलचंद बिंद को आराजी संख्या 76 में 13 -13 बिस्वा का पट्टा मिला था। जिसमें शंकर लाल ने मोहम्मद जुबेर को बैनामा कर दिया है। वहीं, नक्शा न होने से फूलचंद को अभी कब्जा नहीं मिल पाया है। सिकंदरा दांदूपुर रोड पर स्थित इस जमीन की कीमत करोड़ों में है। जिसको लेकर बवाल मचा हुआ है। बताया जाता है कि मोहम्मद जुबेर ने भी कुछ लोगों को एग्रीमेंट किया है। ग्राम प्रधान वीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि गांव का मानचित्र उपलब्ध नहीं है लेकिन इसके बाद भी जमीन की पैमाइश कैसे की गई और अतिक्रमण हटाने का आदेश भी पारित कर दिया गया। जबकि इस भूमि पर लोग काफी वर्षों से घर बनाकर रह रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें