ठंड अब लोगों की जान पर भारी पड़ने लगी है। अस्पतालों में ब्लड प्रेशर, पक्षाघात व दिल के मरीज बढ़ने लगे हैं। कॉर्डियोलॉजी विभाग में औसतन दस नए मरीज सीने में दर्द और उलझन की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। सोमवार को तापमान एक बार फिर अचानक गोता लगा गया। अधिकतम तापमान करीब तीन डिग्री सेल्सियस लुढ़क गया। दिन भर सूरज दुबका रहा और धुंध छाई रही। बर्फीली हवाएं नश्तर की तरह शरीर में चुभती रहीं।
सोमवार को दो बजे के बाद थोड़ी देर के लिए धूप दिखी फिर सूरज को बादलों ने घेर लिया। इस बीच घर से निकले लोग सर्द हवाओं के झोंकों से ठिठुर गए। इससे पहले तीन दिसंबर को न्यूनतम तापमान 10.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। उस दिन अधिकतम तापमान 26.4 डिग्री था जो तीसरे दिन ही 25.5 डिग्री सेल्सियस पर टिक गया। पिछले चार दिन से नीचे और ऊपर का पारा क्रमश: लुढ़का। रविवार को न्यूनतम पारा 7.5 तो अधिकतम 23.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। सोमवार को अधिकतम पारा 20.8 और न्यूनतम पारा मामूली अंतर से 7.3 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विज्ञानी प्रो.एचएन मिश्रा के मुताबिक अब दिन का तापमान कम होगा। पश्चिम बंगाल की चक्रवाती हवाओं और पहाड़ों पर बर्फबारी ठंड का प्रकोप बढ़ाएगी। यह क्रम मकर संक्रांति तक जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि स्थानीय कारणों से वायुमंडल की निचली सतह पर भाप के प्रभाव से कोहरा भी छाया रहेगा।
40 की उम्र पार तो कराएं
शुगर और बीपी की जांच
प्रयागराज। ठंड के मौसम में धमनियों के सिकुड़ने से ब्लड प्रेशर (रक्तचाप) बढ़ जाता है। ऐसे में पक्षाघात और दिल का दौरा पड़ने का खतरा रहता है। यदि किसी को शुगर अथवा हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है तो वे सतर्क हो जाएं। खास तौर पर 40 की उम्र पार करने वाले लोगों के लिए एहतियात बरतने की जरूरत है। शुगर, बीपी की जांच नियमित कराएं। 45 पार वाले कम से कम छह महीने में शरीर की जांच जरूर कराएं।
एसआरएन में भर्ती नवाबगंज के सुरेश नाई से दाढ़ी बनवाने गए थे। तभी उनकी तबीयत बिगड़ गई और वह अचेत हो गए। बीपी लिया गया तो 190/ 120 निकला। जांच के बाद तीन दिन दवा खिलाई गई। अब वे पहले से स्वस्थ हैं। इसी प्रकार मीरापुर की अंजुम को कई साल से हाई बीपी और शुगर की शिकायत है। सोमवार को उन्हें घर वाले लेकर एसआरएन अस्पताल की ओपीडी पहुंचे। वह बेसुध थीं। बीपी शूट कर गया था। जांच रिपोर्ट में कुछ लक्षण पक्षाघात के मिले। उन्हें प्रारंभिक उपचार के बाद राहत मिली है। डॉक्टरों ने एहतियात बरतने की सलाह दी है। मुंडेरा के 42 वर्षीय राजन की शुगर 173 निकली है। डॉक्टरों ने उन्हें ठंड से बचाव के साथ-साथ आराम करने की सलाह दी है। न्यूरो की ओपीडी में रेफर किए गए 59 वर्षीय किशोर चंद्र आंशिक रूप से पक्षाघात का शिकार हुए हैं। प्रारंभिक स्थिति में उन्हें उपचार मिला तो कुछ राहत हुई। उनके परिजनों को बताया गया कि हर हालत में ठंड से बचाकर हल्का खाना और समय पर दवा दी जाए। उन्हें तीन दिन बाद बुलाया गया है।
0 न्यूरो विभाग के डॉ. कमलेश सोनकर का कहना है कि ओपीडी में इस तरह के दस से बीच नए मरीज रोज आ रहे हैं। लोगों को दवाएं देकर सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। साथ ही जांच कराने का परामर्श भी दिया जा रहा है।
0 कॉडियोलॉजी विभाग के डॉ. राजपाल के मुताबिक ठंड बढ़ने के साथ दिल और सांस के रोगियों की परेशानी बढ़ी हैं। ओपीडी में आने वाले औसतन 100 मरीजों में 50 फीसदी नए मरीज होते हैं। सीने में दर्द और सांस फूलने की शिकायत लेकर आने वाले मरीज ज्यादा हैं।
0 मेडिसिन विभाग के डॉ. आरएन पांडेय ने बताया कि बदले मौसम में ठंड का प्रक ोप बढ़ने से बीपी बढ़ने के मामले ज्यादा आ रहे हैं। लोगों को इसकी जानकारी नहीं होती। दस में पांच बीपी पीड़ित मरीज प्री डायबिटिक भी पाए जा रहे हैं।
बरतें सावधानी
0 ठंड से बचाव करें
0 तली-भुनी चीजें न लें
0 गुनगुना पानी ही पीएं
0 परेशानी होने पर डाक्टर
से सलाह कर ही दवाएं लें
0 असहज महसूस करें तो
बीपी जरूर नपवाएं।