फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डिप्टी सीएम

विज्ञापन
विज्ञापन
उपमुख्यमंत्री केशव ने किया स्पेशल कोर्ट में सरेंडर
विज्ञापन

0 तीन पुराने मुकदमों में हाजिर होकर कराई जमानत
प्रयागराज। सूबे के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शुक्रवार को स्पेशल कोर्ट (एमपीएमएलए) में आत्मसमर्पण किया। तीन पुराने मुकदमों में उनकी अदालत में उपस्थिति वांछित थी। मौर्य ने सरेंडर के बाद जमानत अर्जी प्रस्तुत की, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। आत्मसमर्पण के दौरान कचहरी परिसर में समर्थकों की काफी भीड़ रही। उनसे मिलने वालों का पूरे समय तांता लगा रहा। भीड़ को देखते हुए क्षेत्राधिकारी कर्नलगंज के नेतृत्व में भारी पुलिस फोर्स तैनात की गई थी।
तीन आपराधिक मामलों में जमानत प्रार्थना पत्रों पर सुनवाई के बाद स्पेशल कोर्ट जज पवन कुमार तिवारी ने जमानत मंजूर कर ली और केशव को 20-20 हजार रुपए की जमानतें और व्यक्तिगत मुचलका दाखिल करने के बाद रिहा कर दिया गया।
विज्ञापन

केशव मौर्य का पक्ष अधिवक्ता ओंकारनाथ मिश्र और कुंजबिहारी मिश्र तथा अभियोजन की ओर से जेष्ठ अभियोजन अधिकारी हरि ओंकार सिंह, राधाकृष्ण मिश्र, लाल चन्दन और एडीजीसी राजेश गुप्ता ने पक्ष रखा। अभियोजन के अनुसार स्पेशल कोर्ट में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के खिलाफ धूमनगंज, कीड़गंज और कौशांबी के मंझनपुर थाने से तीन आपराधिक मामले लंबित थे, जिनमें उन्होंने अपनी जमानतें नहीं कराई थी। शुक्रवार को केशव प्रसाद मौर्य ने स्पेशल कोर्ट में सुबह 11.30 बजे पंहुच कर आत्मसमर्पण किया। कोर्ट ने उन्हे न्यायिक अभिरक्षा में लेकर अपरान्ह दो बजे तीनों जमानत प्रार्थना पत्रों पर सुनवाई की। इस दौरान केशव न्यायिक अभिरक्षा में रहे। बचाव पक्ष ने जमानत अर्जी पर कहा कि आवेदक ने कोई अपराध नहीं किया है। उसे राजनैतिक कारणों से क्षति पहुंचाने के उद्देश्य से झूठा फंसाया गया है। कोर्ट ने जमानत का पर्याप्त आधार पाते हुए जमानत अर्जी मंजूर कर ली। सुनवाई के दौरान अपर महाअधिवक्ता महेशचंद्र चतुर्वेदी, डीजीसी गुलाबचन्द्र अग्रहरि, अधिवक्ता प्रदीप जायसवाल, पूर्व अध्यक्ष शीतला प्रसाद मिश्र आदि उपस्थित रहे हैं।


इन मामलों में किया सरेंडर
1- घटना एक सितंबर 2011 की कौशांबी के मंझनपुर की है। आरोप है कि केशव प्रसाद मौर्य ने अन्य लोगों के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया और एक समुदाय के लोगों के खिलाफ चुनौती भरे शब्दों का प्रयोग कर धमकाया था।
2- घटना 20 अप्रैल 2007 की धूमनगंज थाने की है। आरोप है कि मुंडेरा बाजार के पास तीन गाड़ियों का काफिला, जिस पर भाजपा के चुनाव चिन्ह और झंडे लगे थे, केशव प्रसाद मौर्य के पक्ष में मतदान करने का प्रचार कर रहे थे। तीनों गाड़ियों के शीशे पर कोई अनुमति का पास नहीं लगा था।
3- घटना 25 नवंबर 2007 की कीडगंज थाने की है। कर्मचारी चयन आयोग की टैक्स असिस्टेंट ग्रेड 2007 की परीक्षा कन्हैया लाल विद्या मन्दिर नई बस्ती में चल रही थी। केशव प्रसाद मौर्य पर आरोप है कि एक अभ्यर्थी को परीक्षा केन्द्र में प्रवेश दिलाने के लिए गाली गलौज की थी।
विज्ञापन


कोर्ट परिसर में ही लगा केशव का दरबार
प्रयागराज। शुक्रवार को जिला न्यायालय परिसर में स्पेशल कोर्ट में उपस्थित हुए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से मिलने भारी संख्या में समर्थक पहुंच गए और वहीं पर अपनी फरियाद भी की। लगभग दो घंटे से अधिक कोर्ट परिसर में रहे केशव ने लोगों की समस्याएं सुनीं। इसी बीच जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष उमाशंकर तिवारी, मनोज सिंह लोकेश, कृष्ण चन्द्र मिश्र उपाध्यक्ष लक्ष्मीकांत मिश्र ने केशव प्रसाद मौर्य से न्यायालय परिसर में वाहन खड़े करने की समस्या को बताया और एसएसपी कार्यालय के सामने खुली जमीन को स्टैंड के लिए दिए जाने के लिए ज्ञापन दिया। पेशी के दौरान केशव प्रसाद मौर्य से मिलने वालों का तांता लगा रहा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें