युवाओं की नाराजगी पड़ गई भारी
0 माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड का गठन न होना, उच्चतर शिक्षा आयोग में काम न शुरू होने भाजपा के लिए झटका
इलाहाबाद। फुलपुर संसदीय सीट के उप चुनाव में भाजपा को युवाओं की नाराजगी भी भारी पड़ गई। माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड का गठन न होना, उच्चतर शिक्षा सेवा चयन आयोग के गठन के बावजूद कोई काम न होना, यूपीटीईटी के परिणाम में गड़बड़ी के कारण 68500 सहायक अध्यापकों की भर्ती पर रोक और इलाहाबाद विश्वविद्यालय के मामले में सैकड़ों शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई न होना भाजपा के लिए बड़ा नुकसान साबित हुआ। इन सबके बीच युवाओं को पकौड़ा बेचने की सलाह देना भी पार्टी को ले डूबा।
आठ मार्च को अल्लापुर की चुनावी जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने एक सप्ताह में चयन बोर्ड के गठन का एलान किया था। इसके पहले भी सरकार चयन बोर्ड के गठन को लेकर कई बार आश्वासन दे चुकी है लेकिन हुआ अब तक कुछ नहीं। युवाओं में इसे लेकर जबरस्त नाराजगी है, क्योंकि चयन बोर्ड का गठन न होने के कारण 26000 से अधिक भर्तियां फंसी हैं। इसकी वजह से टीजीटी-पीजीटी 2011 में शिक्षकों के 1800 पदों का परिणाम नहीं घोषित हो पा रहा। इसमें करीब आठ लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे। इसी तरह टीजीटी-पीजीटी 2016 का लिखित परीक्षा नहीं हो पा रही है। इसमें शिक्षकों के 9500 पदों के लिए 12 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किए हैं। चयन बोर्ड का गठन न होने से विभिन्न विद्यालयों में 15401 शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया रुकी हुई है।
इसी तरह टीईटी के 14 सवालों को लेकर मामला न्यायालय में गया, जिसकी वजह से सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा पर रोक लग गई। इस परीक्षा के लिए 1.20 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। इससे युवाओं की नाराजगी बढ़ गई। इसके अलावा लोक सेवा आयोग में सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा का परिणाम घोषित करने की मांग को लेकर 16 दिनों से अनशन पर बैठे अभ्यर्थियों में भी भाजपा के प्रति नाराजगी है, जिसका असर उप चुनाव में दिखा।
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हार से सबक ले भाजपा
0 परिणाम आने के बाद छात्र संगठनों की बैठकों में हुई चर्चा
इलाहाबाद। फुलपुर संसदीय सीट के उप चुनाव का परिणाम आने के बाद बुधवार को छात्र संगठनों की अलग-अलग बैठकें हुईं। इसमें कहा गया कि भाजपा की हार युवाओं की नाराजगी का परिणाम है। भाजपा को इससे सबक लेना चाहिए। विद्यार्थी परिषद के पूर्व छात्र नेता नीरज प्रताप सिंह का कहना है कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार और अन्य अनियमितताओं के संबंध में सैकड़ों शिकायतों के बावजूद सरकार ने कुलपति के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। ऐसेे में छात्रों ने भाजपा को वोट न देने की शपथ ली थी और शहर उत्तरी में इसके लिए अपील भी की। कहा कि भाजपा की हार पर जनता को धन्यवाद देने और इविवि के कुलपति के खिलाफ भ्रष्टाचार की लड़ाई को और धार देने के लिए 15 मार्च को शाम चार बजे छात्रसंघ भवन स्थित लाल पदमधर प्रतिमा स्थल से शाम चार बजे जुलूस निकाला जाएगा।
युवा मंच कार्यालय में हुई बैठक में अध्यक्ष अनिल सिंह ने कहा कि भाजपा शिक्षित युवाओं को पकौड़ा बेचने की सलाह दे रही है। नौकरी की राह देख रहे युवाओं को सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। युवाओं की जायज मांगों को जल्द पूरा करने की अपील पर सरकार का दमनात्मक रवैया, रोजगार को समाप्त करने की नीतियों को बढ़ावा देना ही भाजपा की हार का कारण है। प्रदेश अध्यक्ष संगीता पाल ने कहा कि मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री की खाली हुई सीटों पर भाजपा की शिकस्त लोकतंत्र पसंद लोगों के लिए सकून की बात है। बैठक में उदय सिंह लोधी, मनीष सिन्हा, अतुल कुमार शुक्ल, रवींद्र पांडेय, संदीप कुमार शुक्ल, कंचन सिंह, अर्चना मौर्या, गीता सिंह, मकसूद अहमद, राकेश गुजिया आदि शामिल थे।