मानव कोशिका से उल्कापिंडों तक के अध्ययन में माइक्रो लिब्स उपयोगी
इविवि के भौतिक विभाग की ओर से हुई मेघनाद साहा मेमोरियल अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला में बोले विशेषज्ञ
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के भौतिक विज्ञान विभाग की ओर से दूसरी मेघनाद साहा मेमोरियल अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला सोमवार को शुरू हुई। इसमें माइक्रो लिब्स की उपयोगिता पर चर्चा हुई। पोस्टर और मौखिक सत्रों के दौरान लिब्स, लेसर अब्लेरेड प्लाजमा, नैनोमेटेरियल्स और विविध स्पेक्ट्रोस्कोपी से संबंधित विषयों पर प्रदर्शन एवं व्याख्यान हुए।
कार्यशाला में मुख्य अतिथि अल्बर्टा विश्वविद्यालय कनाडा के वैज्ञानिक रॉवर्ट फेदोजेवेस ने मानव कोशिका से लेकर उल्का पिंडों के अध्ययन तक में माइक्रो लिब्स की उपयोगिता के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि माइक्रो लिब्स के जरिए सोडियम एवं सिलिकॉन की मदद से फिंगर प्रिंट में भी उपयोगिता होती है। भूजल, तालाब, नदियों बढ़ते प्रदूषण की स्थिति का पता लगाने में भी लिब्स की महत्वपूर्ण भूमिका है। अध्यक्षता कर रहे इविवि के कार्यवाहक कुलपति प्रो.केएस सिंह ने प्रो.मेघनाद साहा के वैज्ञानिक एवं सामाजिक योगदान को याद करते हुए भौतिकी विज्ञान में इस परंपरा को कायम रखने की अपील की। विशिष्ट अतिथि आईआईएससी बंगलूरू के प्रो.शिवा उमापथी ने कैंसर के लक्षणों को पता करने के लिए उपयोगी वैज्ञानिक विधि फेम्टोसेकेंड लेसर रमन स्पेक्ट्रोस्कोपी पर विस्तार से चर्चा की। बताया कि इसके जरिए शरीर में होने वाले परिवर्तनों का पता लगाया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि रमन स्पेक्ट्रोस्कोपी के जरिए सेप्टिक का पूर्वानुमान संभव है। इस विधि से किसी बोतल में उपस्थित द्रव (विस्फोटक) का भी पता आसानी से लगाया जा सकता है। दूसरे तकनीकी सत्र में स्लोवाकिया के वैज्ञानिक पॉल वेस ने उल्कापिंडों के वर्गीकरण के लिए लिब्स द्वारा किए जाने वाले अनुसंधान को समझाया। बीएचयू के प्रो.बी राय ने सोलर सेल की क्षमता बढ़ने में उपयोग होने वाले कण फोटान के योग और विभाजन को अप कनवर्जन एवं डाउन कनवर्जन के जरिए समझाया। वाराणसी स्थित ओपल हॉस्पिटल में नोफ्रोलॉजिस्ट डॉ.प्रदीप कुमार राय ने लिब्स के विभिन्न प्रकार तथा किडनी स्टोन से बचने के बारे में बताया। संचालन प्रो.वीके तिवारी ने किया।
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स्मारिका, सारांश का विमोचन
इलाहाबाद। इविवि भौतिक विज्ञान विभाग के कार्यक्रम में स्मारिका एवं कार्यशाला के सारांश का विमोचन भी हुआ। प्रो.केएस मिश्र, डीन विज्ञान संकाय डॉ.आरआर तिवारी, चेयरमैन एवं समन्वयक प्रो.एके राय, प्रो.पीएस यादव. डॉ.केएन उत्तम, डॉ.आर आनंद ने इसका विमोचन किया।
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सांस्कृतिक संध्या आज
इलाहाबाद। इविवि भौतिक विज्ञान विभाग की ओर से आयोजित कार्यशाला के दौरान 20 फरवरी को शाम साढ़े बजे से सांस्कृतिक सत्र ‘जुनून-ए-मौसिकी’ भी होगा। इसमें विवेक विशाल एवं उनके साथ कबीर वाणी प्रस्तुत करेंगे।