तीन भाभियां, देवर संग बहुएं भी चुनाव मैदान में
0 खुद नहीं मिला टिकट अब काम के बदले ‘चेहरे’ पर मांगेंगे वोट
0 पार्षदी घर में बनाए रखने के लिए कई निवर्तमान पार्षदों ने बदले क्षेत्र
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। शहर के मोहल्लों में निकाय चुनाव का असर दिखने लगा है। हर सड़क और गली में कोई न कोई हाथ जोड़कर घूमता दिख रहा है। प्रत्याशियों की भीड़ में मां की जगह बेटा और पति के स्थान पर इस बार पत्नी के चुनाव लड़ने के कई मामले हैं। इससे इतर इस बार चुनाव मैदान में तीन भाभियां, एक देवर और दो बहुएं भी हैं। निवर्तमान पार्षदों के साथ ये प्रत्याशी प्रचार कर रहे हैं।
इसमें कई ऐसे चेहरे भी हैं, जिन्हें लोगों ने कभी देखा नहीं। खासकर महिला पार्षद प्रत्याशी को अपने बीच पाकर कौतूहलवश किसी ने पूछ लिया कि आप कौन तो सामने आने वाला व्यक्ति परिचित निकलता है। उनमें कोई बताता है कि यह मेरी भाभी हैं, कोई प्रत्याशी का परिचय अपनी बेटे की पत्नी (बहू) के रूप कराता है।
शहर के विभिन्न वार्डों में पार्षद प्रत्याशियों की भीड़ है। सबके अपने-अपने दावे हैं। कोई विकास की बात करता है तो कोई स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए मौका मांगता है। इसमें कई निवर्तमान प्रत्याशी क्षेत्र का आरक्षण स्वरूप बदलने से पहले तो मायूस हुए फिर अपनों को ही प्रत्याशी बना दिया। शहर के पांच ऐसे निवर्तमान पार्षद हैं जो अपने काम के बूते अपनी भाभी और बहुओं का नामांकन कराकर उनके साथ प्रचार कर रहे हैं। एक निवर्तमान महिला पार्षद का देवर भी निर्दलीय प्रत्याशी बना जनसंपर्क कर रहा है। वहीं दो निवर्तमान महिला पार्षदों के पति भी चुनाव में ताल ठोंक रहे हैं।