पारिवारिक अदालतें गठित
राज्य सरकार के शासनादेश पर हाईकोर्ट ने जारी की अधिसूचना
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। राज्य सरकार द्वारा जारी शासनादेश के आधार पर प्रदेश भर के जिलों में 111 अतिरिक्त पारिवारिक न्यायालयों का गठन किया गया है। हाईकोर्ट ने इस आशय की अधिसूचना जारी की है। इसके तहत इलाहाबाद में भी चार पारिवारिक न्यायालयों का गठन किया गया है। यह अदालतें पूर्व में स्थापित अदालतों के अतिरिक्त होंगी। सभी नवगठित अदालतें अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश स्तर की हैं।
जारी अधिसूचना के तहत अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मुन्नवर जहां और नेहा आनंद को इलाहाबाद में गठित अतिरिक्त परिवार न्यायालयों का पीठासीन अधिकारी बनाया गया है। अभी दो अन्य अदालतों में भी नियुक्ति की जानी है, जबकि पहले से प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय और अपर प्रधान पारिवारिक न्यायालय गठित हैं। इस प्रकार से इलाहाबाद में पारिवारिक विवादों के निस्तारण के लिए अब प्रधान न्यायाधीश सहित छह न्यायालय कार्य करेंगे। इसी प्रकार से अन्य जिलों में भी पारिवारिक न्यायालयों की संख्या भी बढ़ाई गई है। प्रदेश सरकार ने बढ़ते मुकदमों के मद्देनजर अतिरिक्त पारिवार न्यायालयों के गठन का निर्णय 2016 में किया था। इससे संबंधित शासनादेश भी जारी कर दिया गया। इसके तहत हाईकोर्ट ने जजों की नियुक्ति कर दी है। फिलहाल पहले चरण में हर जिले में एक या दो अपर प्रधान पारिवारिक न्यायाधीशों की नियुक्ति की गई है।