प्रयागराज। सावन का पर्व हरियाली तीज शनिवार को सुहागिनों के लिए खुशियां लेकर आया। श्रद्धापूर्वक शिव संग पार्वती पूजी गईं तो सजीं सुहागिनों ने भजन-कीर्तन से लेकर नृत्य-गायन सहित विविध सांगीतिक प्रस्तुतियों में खुशियां बांटीं। पर्व को लेकर महिलाएं खासा उत्साहित रहीं। तीजोत्सव की तैयारियों में ही दिन बीता। घर के अतिरिक्त, अपार्टमेंट्स, पार्कों, मंदिरों में भी सामूहिक रूप से पूजा हुई।
पूरे महीने भर से पर्व की तैयारियां हो रही थीं लेकिन फैंसी, लेटेस्ट के फेर में पर्व के दिन भी खरीदारी हुई। सजने-संवरने का सामान खरीदने में ही पूरा दिन बीत गया। हथेलियों पर मेहंदी रचाने को सबसे ज्यादा भीड़ दिखी। हर किसी में सबसे अलग दिखने की चाहत रही। चौक, कटरा, मीरापुर सहित सिविल लाइंस में एलचिको के पास भी मेहंदी रचाने के लिए महिलाओं ने अपनी बारी के लिए घंटों इंतजार किया। वैसे दुकानों पर कोन वाली मेहंदी के साथ ही डिजाइन वाली किताब भी खूब खरीदी गई ताकि उनकी हथेली सबसे अलग दिखे।
चूड़ी, बिंदी,बिछिया की खरीद में फैंसी और लेटेस्ट का फेर रहा। शृंगार प्रसाधन वाली दुकानों पर भी दिन भर महिलाएं जुटीं ही रहीं। किसी ने साड़ी से मैच करती चूड़ी, बिंदी खरीदी तो कोई सिर्फ हरी चूड़ियां और हरे रंग की ज्वेलरी पर ही फिदा रहा। फिरोजाबादी चूड़ियों के अलावा कोलकाता का आलता, दिल्ली की बिंदी खूब बिकी। बुटीक पर भी वक्त से पहले तथा अर्जेंट कपड़े देने का दबाव रहा। घरों और मंदिरों में तीज
राधाकृष्ण मंदिरों में भी तीजोत्सव, पड़े झूले
हरियाली तीज की दस्तक के साथ ही राधाकृष्ण मंदिरों में भी झूले पड़ने के साथ तीजोत्सव आरंभ हुआ। चौक गंगादास स्थित राधारमण मंदिर में मुख्य पुजारी शरद गोस्वामी की देखरेख में भगवान के लिए झूला पड़ा। साथ ही फूलों से मनोहारी शृंगार भी किया गया। जुटीं महिलाओं की टोली ने भजन कीर्तन किया। ललिता देवी मंदिर के राधाकृष्ण मंदिर में भी महिला मंडली की ओर से भजनों की धूम रही। हरियाली तीज के साथ आरंभ उत्सव का क्रम रक्षाबंधन यानी पंद्रह अगस्त तक जारी रहेगा। इसी तरह इस्कॉन, रूप गौड़ीय मठ, निंबार्क आश्रम में भी कार्यक्रम हुए।