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Prayagraj News: प्रतिबंधित कोडीनयुक्त कफ सिरप की 11 हजार शीशियां बरामद

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पुलिस ने कल्याणी देवी क्षेत्र स्थित एक मकान बने गोदाम से प्रतिबंधित कोडीनयुक्त कफ सिरप की 11,000 शीशी, इंजेक्शन, कैप्सूल और काफी मात्रा में नशीली दवाएं बरामद की हैं। इनकी कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस दौरान वहां रहने वाला कल्याणी देवी गुजराती मोहल्ला निवासी आरोपी अरुणी सहगल चकमा देकर भाग निकला।
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डीसीपी सागर जैन ने बताया कि एक सूचना पर मंगलवार को एसीपी अतरसुइया राम सिंह, थाना प्रभारी विवेक यादव की टीम ने औषधि विभाग निरीक्षक सुनील कुमार रावत के साथ मकान में दबिश दी।
यहां ऑनरएक्स कोडीन फॉस्फेट व ट्रिप्रोलिडीन हाइड्रोक्लोराइड सिरप की 11,037 शीशियां मिलीं। इसके अलावा अलग-अलग दवाओं के 11,825 इंजेक्शन, 35,520 कैप्सूल और 1,61,400 टैबलेट बरामद हुईं। बरामद दवाओं में ब्यूप्रेनोर्फिन और पेंटाजोसिन के इंजेक्शन समेत अन्य दवाएं शामिल हैं।
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साथ ही जीके इंटरप्राइजेज की बैंक चेकबुक, बैंक स्टेटमेंट, पैनकार्ड और आधार कार्ड की छायाप्रतियां भी मिलीं। कमरे से मिनी ग्राइंडर और उसके टूल्स भी मिले हैं। इनका इस्तेमाल दवाओं पर अंकित बैच नंबर मिटाने के लिए किया जाता था। पुलिस बरामद दस्तावेज और बैंक खातों की भी जांच कर रही है।
एक साल से किराये पर रह रहा था आरोपी
डीसीपी के मुताबिक, मकान मालिक प्रकाश चंद्र टंडन (75) से पता चला कि करीब 12 महीने पहले कमरा अरुणी को 4,000 रुपये प्रतिमाह में किराये पर दिया गया था। मकान मालिक ने रेंट एग्रीमेंट नहीं कराया था। बुजुर्ग का कहना है कि उन्हें अवैध कारोबार के बारे में जानकारी नहीं थी। जांच में पता चला कि अरुणी के खिलाफ शंकरगढ़ थाने में एनडीपीएस एक्ट और मध्य प्रदेश ड्रग कंट्रोल एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज हैं।


प्रयागराज समेत आसपास के जिलों में फैला नेटवर्क
पुलिस को आशंका है कि नशीली दवाओं का यह अवैध कारोबार सिर्फ प्रयागराज तक सीमित नहीं है। बरामद दवाओं की मात्रा को देखते हुए आसपास के जिलों में भी इनकी सप्लाई करने की आशंका है। पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
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