राजरूपपुर स्थित एटीएम से 11.37 लाख रुपये गायब होने का मामला सामने आया है। इस मामले में एटीएम में कैश भरने वाली कंपनी की ओर से दो कस्टोडियन पर केस दर्ज कराया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। गजापुर, बारा का रहने वाला अरुण त्रिपाठी एजीएस सिक्योर वैल्यू प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में ऑपरेशन असिस्टेंट के पद पर तैनात है। उसने पुलिस को बताया कि कंपनी एटीएम में रकम लोड करने का काम करती है। यह काम कस्टोडियन करते हैं।
बताया कि उनकी शाखा में नंदकिशोर निवासी जफरगंज, चक जफरअली फतेहपुर और रितेश मिश्रा कटरा रीवा मप्र बतौर कस्टोडियन तैनात हैं। 28 सितंबर को दोनों ने राजरूपपुर स्थित एटीएम में 10 लाख रुपये लोड किए। इसके बाद एटीएम में जमा कुल रकम 13,35,000 हो गई थी। आठ अक्तूबर को उन्होंने एटीएम विजिट करने के बाद लॉग बुक में चेस्ट नॉट ओपेन अंकित किया और लौट गए। आठ नवंबर को चेस्ट काटा गया तो उसमें महज 35 हजार रुपये मिले। इसके बाद निकासी अमाउंट का ब्यौरा निकाला गया तो पता चला कि एटीएम से 11.37 लाख रुपये गायब हैं।
इस संबंध में दोनों कस्टोडियन से कई बार पूछताछ की गई लेकिन उन्होंने गायब के रकम के संबंध में जानकारी होने की बात से इंकार किया। बृहस्पतिवार को मामले की तहरीर देकर आरोप लगाया गया कि बदनीयती से दोनों ने रकम का गबन कर लिया। धूमनगंज इंस्पेक्टर राजेश कुमार मौर्य ने बताया कि जांच पड़ताल की जा रही है।