कौशाम्बी के कड़ा थाना क्षेत्र के अलावलपुर टिकरी निवासी हीरालाल मजदूरी करते हैं। सपना उनके पांच बेटियों में सबसे छोटी थी। इस साल उसने 10वीं में 71 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। पिता के अनुसार साथ वाली लड़कियों के उससे ज्यादा नंबर थे। सहेलियों उसे इस इस बात को लेकर चिढ़ाती थीं। आरोप है कि सोमवार सुबह 10 बजे बेटी के स्कूल से कुछ शिक्षक उनके घर पर आए थे। उन्होंने कहा, तुम पढ़ने में ठीक थी फिर तुम्हारा नंबर कम कैसे आए। थोड़ी देर बाद जब शिक्षक चले गए तो वह घर के अंदर गई चली गई। उसने जहरीला पदार्थ खा लिया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पुलिस अफसर बनना चाहती थी छात्रा
मां हेमा देवी ने बताया कि गरीबी के चलते बेटी की फीस जमा नहीं कर पाए थे, इसलिए उसे 10वीं का प्रवेश पत्र नहीं मिल रहा था। इसके बाद 6600 रुपये कर्ज लेकर स्कूल की बकाया फीस जमा की गई, तब प्रवेश पत्र मिला और वह परीक्षा में शामिल हो पाई थी। हेमा ने बताया कि उसकी बेटी कहती थी कि मां शादी जल्दी से मत करना। मैं इंटर की पढ़ाई के बाद पुलिस सेवा में जाने की तैयारी करूंगी।