जेई के 109 पदों में सिविल के 43, इलेक्ट्रिकल के 49 और सिग्नल एंड टेली कम्युनिकेशन के 17 पद शामिल हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि पिछली भर्तियों में बीटेक वालों को मौका दिया गया था।
यूपी मेट्रो की ओर से जूनियर इंजीनियर (जेई) के 109 पदों पर भर्ती होने जा रही है, लेकिन इसमें बीटेक की डिग्री वाले अभ्यर्थियों को शामिल नहीं किया गया। अभ्यर्थी इससे नाराज हैं और उन्होंने उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक को पत्र लिखकर आपत्ति दर्ज कराई है।
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जेई के 109 पदों में सिविल के 43, इलेक्ट्रिकल के 49 और सिग्नल एंड टेली कम्युनिकेशन के 17 पद शामिल हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि पिछली भर्तियों में बीटेक वालों को मौका दिया गया था। वर्ष 2015 में 70 पदों, 2018 में 93 पदों और 2019 में 115 पदों पर हुई भर्तियों में बीटेक के छात्र शामिल हुए थे, लेकिन इस बार अभ्यर्थियों का बाहर कर दिया गया। अभ्यर्थियों का आरोप है कि बीटेक वालों को बाहर कर गुणवत्ता के साथ समझौता किया जा रहा है।
वैसे भी रोजगार का संकट है और अभियंता संवर्ग में भर्तियां बहुत कम हो रहीं हैं। ऐसे में बीटेक अभ्यर्थियों को मौका न देकर उनके भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। वहीं, केंद्र सरकार के अधीन रेलवे, मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज, सीपीडब्ल्यूडी जैसे विभागों में बीटेक अभ्यर्थियों को भर्ती के लिए अर्ह माना जाता है। यूपी मेट्रो अभ्यर्थियों को बाहर कर नियमों का उल्लंघन कर रहा है। ऐसे में यूपी मेट्रो की जेई भर्ती में भी बीटेक वालों को मौका मिलना चाहिए।