संक्रातिं से शंखनाद: पहला शाही स्नान पर्व आज
0 मकर राशि में सूर्य के प्रवेश से आरंभ हुआ रेती पर मेला
0 कल्पवास के लिए पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं का संगम पर डेरा
प्रयागराज। सूर्यदेव के राशि परिवर्तन के साथ ही मंगलवार को मकर संक्त्रसंति पर संगम सहित गंगा और यमुना के विभिन्न घाटों पर कुंभ पर्व की पहली डुबकी लगेगी। संक्रांति ही कुंभ पर्व का पहला शाही स्नान है, सो लाखों श्रद्धालुओं के अतिरिक्त रेती की शान अखाड़े, साधु-संतों, नागा संन्यासियों, भक्तों के साथ संगम में स्नान करेंगे। अखाड़ों के आचार्य महामंडलेश्वर और देवता, निशान की अगुवाई में अन्य महामंडलेश्वर, श्रीेमहंत, महंत सहित बड़ी संख्या में संत, श्रद्धालु संगम में डुबकी लगाएंगे। प्रथम शाही स्नान पर्व को लेकर अखाड़ों के साथ ही श्रद्धालुओं में भी आतुरता और अजब का उत्साह दिखा।
ज्योतिषीय गणना के मुताबिक अबकी सूर्य का मकर राशि में प्रवेश सोमवार की रात में 2.19 बजे हुआ लेकिन, शास्त्रों के मुताबिक सूर्यास्त के बाद हुई संक्रांति के कारण मंगलवार को पुण्य काल में सूर्योदय से मध्याह्न काल तक संक्त्रसंतिं पर पर्व की डुबकी लगेगी। हालांकि स्नान का क्रम शाम तक जारी रहेगा। मुख्य संगम नोज पर अखाड़े के साधु-संत डुबकी लगाएंगे जबकि इसके अतिरिक्त गंगा,यमुना के विभिन्न घाटों पर श्रद्धालु डुबकी लगाएंगे। नान के बाद श्रद्धालु पुण्यार्जन के लिए तीर्थपुरोहितों, घाटियों को खिचड़ी के अतिरिक्त तिल, गुड़, घी, चावल आदि का दान करेंगे। मकर राशि में प्रवेश के साथ सूर्य उत्तरायण हुआ।
हर रास्ते संगम की ओर मुड़े। पहले स्नान पर्व पर डुबकी लगाने के लिए देश के कोने-कोने से श्रद्धालुओं का संगम की रेती पर बसी तंबुओं की नगरी में आने का क्रम भोर से ही आरंभ होकर पूरी रात जारी रहा। मेला क्षेत्र के चारों ओर से वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित होने से श्रद्धालुओं को पैदल ही प्रवेश करना पड़ा। लोग सिर पर गठरी और कांधे पर झोला लेकर अपने शिविर तक पहुंचते रहे। लेकिन, पर्व की पहली डुबकी लगाने की आस्था ने न उन्हें थकने दिया, न ही रुकने।
0 पहली डुबकी पर बने शुभतादायी योग
पहला शाही स्नान अश्विनी एवं भरणी नक्षत्र, साध्य योग तथा अमृत योग के साथ गुरु, मंगल के राशि परिवर्तन राजयोग में पूर्ण होगा। इतना ही नहीं संक्रांति पर भौमश्विनी सहित सर्वार्थसिद्धि योग में मकर संक्रांति स्नानपर्व का महात्म्य एवं पुण्य अनंत गुना होगा।