फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

योगी सरकार ने शुरू कराया अखाड़ों में संत निवास निर्माण

विज्ञापन
विज्ञापन
कुंभ के लिए प्रयाग में शुरू हुआ संत निवास निर्माण
विज्ञापन

क्रासर
मेलाधिकारी ने संतों के साथ पंचायती बड़ा उदासीन अखाड़े में किया भूमि पूजन
अक्तूबर से पहले संत निवास बनाकर हस्तांतरित करने का निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। योगी सरकार ने लंबी जद्दोजहद के बाद आखिरकार संतों की नाराजगी दूर करने के लिए प्रयाग में आठ अखाड़ों में संत निवास के निर्माण का काम शुरू करा दिया। भूमि पूजन के साथ काम आरंभ हुआ। फिलहाल संत निवास के लिए भूमि समतलीकरण किया जा रहा है। कुंभ से पहले संत निवास तैयार कर लिया जाएगा। कुंभ मेलाधिकारी विजय किरण आनंद ने अक्तूबर तक काम पूरा कराने का भरोसा दिलाया है।
अगले वर्ष जनवरी में लग रहे प्रयाग कुंभ में देश-दुनिया से आने वाले संतों के ठहरने के लिए पहली बार सरकार संत निवास बनवाने जा रही है। इस पर करीब नौ करोड़ रुपये खर्च होंगे। फिलहाल कुल 13 अखाड़ों में से आठ में ही संत निवास के निर्माण की शुरुआत हो सकी है। इसलिए कि पांच अखाड़ों के पास भूमि नहीं है। जिन अखाड़ों में संत निवास का निर्माण आरंभ कराया गया है उनमें निर्मल पंचायती अखाड़ा 1.10 करोड़, 60 लाख रुपये श्रीपंचायती महानिर्वाणी अखाड़ा, पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी, पंचायती अखाड़ा नया उदासीन, श्रीपंच दशनाम जूना अखाड़ा, बाघंबरी गद्दी अल्लापुर, आनंद अखाड़ा, पंचायती बड़ा उदासीन अखाड़ा के नाम शामिल हैं। इस बीच अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की ओर से सीएम को दी गई कुंभ से जुड़ी सुविधाओं की निर्माण संबंधी सूची में संत निवास के अलावा विश्राम गृह, प्रसाधन, कोठार और भोजनालय का भी प्रस्ताव है। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष ने संत निवास का काम आरंभ होने पर सीएम का आभार जताया । उन्होंने रविवार को अमर उजाला से उम्मीद जताई कि जिस तत्परता से काम शुरू हुआ है उससे लगता है कि कुंभ में संतों के साथ श्रद्धालु हित की सुविधाओं की व्यवस्था समय रहते पूरी कर ली जाएगी।
विज्ञापन

इनसेट
पांच अखाड़ों के पास इलाहाबाद में भूमि नहीं
इलाहाबाद। जिन अखाड़ों के इलाहाबाद में मठ, आश्रम या भूमि नहीं है, उन्हें संत निवास की सुविधा नहीं मिल सकेगी। ऐसे अखाड़ों में अटल अखाड़ा, निर्मोही अनी अखाड़ा, दिगंबर अनी अखाड़ा, आवाहन अखाड़ा और अग्नि अखाड़ा शामिल हैं।

अखाड़ों में निर्माण की लागत:
निर्मल पंचायती अखाड़ा 1.10 करोड़ रुपये, निर्वाणी अखाड़ा 1.19 करोड़ रुपये, पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी अखाड़ा 93.32 लाख, पंचायती अखाड़ा नया उदासीन 1.33 करोड़ , जूना अखाड़ा 1करोड़ रुपये, बाघंबरी गद्दी अल्लापुर 1करोड़, आनंद अखाड़ा 1.23 करोड़, पंचायती बड़ा उदासीन अखाड़ा 1.20 करोड़।

कोट
अक्तूबर तक देश भर से साधु-संत प्रयाग पहुंचने लगेंगे। जिनको शिविर लगाना है, वह इन्हीं संत निवासों में ही ठहरेंगे। समय कम है, ऐसे में समय से काम पूरा कराने के लिए प्रशासन को दिन रात एक करना होगा। महंत महेश्वर दास महाराज, श्री पंचायती बड़ा उदासीन अखाड़ा कीडगंज।
विज्ञापन


कोट
उज्जैन की तर्ज पर प्रयाग में संत निवास निर्माण एक बड़ी उपलब्धि है। अखाड़े भारतीय प्राचीन संस्कृति को दर्शाते हैं। ऐसे में सुविधाओं के लिए पहले ही सरकार को चेत लेना चाहिए था। महंत अग्रदास महाराज, प्रवक्ता, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें