एक्स काडर और रेग्युलर काडर को मिलाकर बनाई गई पुलिस निरीक्षकों की वरिष्ठता सूची को हरी झंडी मिल गई है। 30 जून को एक्स काडर निरीक्षकों को रेग्युलर काडर में लाने के खिलाफ विशेष अनुमति याचिका सुप्रीमकोर्ट से खारिज होने के बाद डीपीसी की बैठक में 101 निरीक्षकों की प्रोन्नति को मंजूरी दे दी गई है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आवश्यक औपचारिकताओं के बाद शीघ्र ही इस संबंध में आदेश जारी होंगे। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने 14 जून को इस मामले में एकल न्यायपीठ द्वारा सात जून को दिए आदेश को रद्द कर दिया था। एकलपीठ ने एक्स काडर निरीक्षकों की प्रोन्नति पर रोक लगा दी थी। एक्स काडर में वह लोग शामिल हैं जो आउट ऑफ टर्न प्रमोशन पाकर निरीक्षक बने हैं। इसके बाद शासन ने एक निर्णय लेकर एक्स काडर और रेग्युलर काडर को मिलाकर एक कर दिया तथा वरिष्ठता सूची जारी करते हुए प्रोन्नति देने का निर्णय लिया था। रेग्युलर काडर के दरोगा कमल सिंह यादव ने विशेष अपील के निर्णय को सुप्रीमकोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दाखिल कर चुनौती दी थी।
एक्स काडर दरोगाओं का पक्ष रख रहे अधिवक्ता अनूप त्रिवेदी ने बताया कि न्यायमूर्ति एसएम कलीफउल्ला और न्यायमूर्ति यूयू ललित की बेंच ने विशेष अपील में पारित निर्णय में हस्तक्षेप करने से इंकार करते हुए कमल सिंह यादव की एसएलपी खारिज कर दी है। इसके बाद 30 जून को ही डीपीसी की बैठक हुई जिसमें रेग्युलर और एक्स कैडर को मिला कर कुल 101 निरीक्षकों को डिप्टी एसपी के पद प्रोन्नति को मंजूरी दे दी गई है।
गौरतलब है कि 23 जुलाई 2015 को सरकार ने शासनादेश जारी कर आउट ऑफ टर्न प्रोन्नति पाए पुलिस कर्मियों को एक्स काडर से रेग्युलर काडर में समायोजित करने का निर्णय लिया। इसके बाद 24 फरवरी 2016 को पुलिस निरीक्षकों की अंतिम वरिष्ठता सूची जारी कर दी गई। वरिष्ठता सूची को इलाहाबाद हाईकोर्ट और लखनऊ खंडपीठ में कई याचिकाएं दाखिल कर चुनौती दी गई।
गौतमबुद्ध नगर में तैनात इंस्पेक्टर अमर सिंह यादव द्वारा लखनऊ पीठ में दाखिल याचिका पर एकल पीठ ने सात जून को आदेश पारित कर एक्स कैडर निरीक्षकों की प्रोन्नति पर रोक लगा दी थी। इस आदेश को निरीक्षक राजेश कुमार द्विवेदी, उपेंद्र यादव और राजेंद्र कुमार नागर की विशेष अपील पर न्यायमूर्ति एसएन शुक्ला और न्यायमूर्ति सुनीत कुमार ने रद्द कर दिया। कमल सिंह यादव ने विशेष अपील के निर्णय को सुप्रीमकोर्ट में चुनौती दी थी।