उप्र बार कौंसिल को लाकडाउन में परेशान वकीलों की आर्थिक सहायता के लिए 100 करोड़ रुपये की दरकार है। बिना रुपये के उसने मदद दे पाने में असमर्थता जताई है। कौंसिल की शनिवार को हुई आपात बैठक के बाद सदस्यों ने अपने हाथ खड़े कर दिए। हालांकि, रास्ता निकलने के लिए बैठक रविवार को भी होगी।
हरिशंकर सिंह की अध्यक्षता में हुईं बैठक में बार कौंसिल ने कहा कि एक या दो करोड़ रुपये से 5 हजार रुपये प्रति अधिवक्ता को आर्थिक सहायता देना संभव नहीं है। जब तक कि प्रदेश सरकार या ट्रस्टी कमेटी सौ करोड़ रुपये नहीं दे देती। हाईकोर्ट के आदेश पर बार कौंसिल ने वकीलों की सहायता की योजना तैयार करने के लिए बैठक बुलाई थी। बैठक बेनतीजा समाप्त हो गई। धन के अभाव के कारण वकीलों को आर्थिक सहायता देने के लिए योजना पर भी विचार नहीं किया गया।
बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए सदस्यों में अध्यक्ष हरिशंकर सिंह, उपाध्यक्ष देवेंद्र मिश्र नगरहा, बार कौंसिल आफ इंडिया के सदस्य श्रीनाथ त्रिपाठी, सदस्य सचिव अजय यादव, सदस्यगण अब्दुल रज्जाक खां, अरुण कुमार त्रिपाठी, अजय कुमार शुक्ल, अखिलेश कुमार अवस्थी, जानकी शरण पांडेय, प्रशांत सिंह अटल, प्रदीप कुमार सिंह, राकेश पाठक, पांचूराम मौर्य, अमरेंद्र नाथ सिंह एवं रोहिताश्व कुमार अग्रवाल शामिल थे।