जिला पाक्सो अदालत ने घूरपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत नाबालिग से दुष्कर्म एवं गर्भपात से मौत के आरोपी राजकुमार को 10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 25 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। जबकि, उक्त मामले के दो अभियुक्तों घुरहू एवं मलमासा को दोषमुक्त कर दिया है। यह आदेश विशेष न्यायाधीश (पाक्सो) ने अभियुक्तों के वकील और शासकीय अधिवक्ता गुलाब चंद्र अग्रहरि, सहायक शासकीय अधिवक्ता राहुल मिश्रा एवं इंदु प्रकाश सिंह के तर्कों को सुन कर दिया।
पीड़िता की मां वादी मुकदमा ने तीन जून 2014 को थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई और आरोप लगाया कि कि अभियुक्त राजकुमार ने उसकी 16 वर्षीय नाबालिग पुत्री के साथ खेत में जबरन दुष्कर्म किया और उसे जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गया। नाबालिग पुत्री गर्भवती हो गई तो राजकुमार ने मलवासा एवं घुरहू की मदद से गर्भपात की दवा खिला दी। दवा खिलाने से पीड़िता के शरीर में संक्रमण फैल गया और उसकी मौत हो गई।
याची के वकील ने अभियुक्तों को निर्दोष बताते हुए कहा कि डॉक्टर की लापरवाही से पीड़िता की मौत हुई। अभियुक्तों को दोष मुक्त कराने की गुहार लगाई। जबकि, अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि अभियुक्त दोषी है। अभियुक्तों के विरुद्ध दोष साबित करने के लिए 10 गवाहों को पेश किया और अधिक अधिकतम सजा की मांग की। मामले के तथ्यों परिस्थितियों एवं अपराध की गंभीरता को देखकर पाक्सो अदालत ने आरोपी राजकुमार को 10 वर्ष की सश्रम कैद एवं 25 हजार जुर्माने की सजा सुनाई। जबकि, सहअभियुक्तों मलवासा एवं घूरने को दोषमुक्त कर दिया।