इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी लोक सेवा आयोग की एलडी ग्रेड-2025 की मुख्य परीक्षा में शामिल होने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए 10 अभ्यर्थियों को राहत दी है। साथ ही उन्हें 11 जुलाई को होने वाली मुख्य परीक्षा में बैठने की अनंतिम अनुमति प्रदान की है। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की एकलपीठ ने प्रयागराज निवासी अतुल कुमार व नौ अन्य की याचिका पर दिया है।
याचियों के अधिवक्ता ने दलील दी कि उनका मामला आशुतोष मिश्रा व 176 अन्य में नौ जुलाई-2026 को पारित आदेश के समान है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से उपस्थित अधिवक्ता ने भी इस तथ्य पर कोई आपत्ति नहीं जताई।
कोर्ट ने याचिका को पहले से लंबित समान प्रकृति की याचिकाओं के साथ संबद्ध करने का आदेश दिया। साथ ही प्रतिवादी पक्ष को जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए चार सप्ताह और याचियों को प्रत्युत्तर हलफनामा दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया।
कोर्ट ने याचियों को 11 जुलाई को आयोजित एलटी ग्रेड की लिखित (मुख्य) परीक्षा में अनंतिम रूप से बैठने का आदेश दिया। हालांकि, कोर्ट ने कहा कि याचियों का परीक्षा परिणाम इस रिट याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा। समय की कमी को देखते हुए कोर्ट ने कहा कि आयोग को आदेश की प्रमाणित प्रति की आवश्यकता नहीं होगी। आयोग हाईकोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट से आदेश की प्रामाणिकता सत्यापित कर सकता है।
यह था मामला
यूपी लोक सेवा आयोग की भर्ती के सामाजिक विज्ञान विषय में इतिहास, भूगोल, राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र में से किसी दो विषय में निर्धारित शैक्षिक योग्यता होने की शर्त रखी थी। प्रारंभिक परीक्षा में उत्तीर्ण 10 अभ्यर्थियों की ओर से आयोग को राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज की ओर से जारी दूसरे विषय के एकल दस्तावेज प्रस्तुत किए गए थे। इसके बाद आयोग ने विज्ञापन में दर्शायी गई शर्तों के अनुरूप न होने पर अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा में बैठने से वंचित कर दिया था। इसके बाद अभ्यर्थियों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।