भारतीय हॉकी के पूर्व कप्तान पद्मश्री जफर इकबाल ने मेजर ध्यानचंद लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड मिलने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि उन्हें यह सम्मान मिलेगा। इस अवॉर्ड के साथ मिली 25 लाख रुपये की धनराशि का कुछ हिस्सा वह युवा खिलाड़ियों को निखारने और संवारने में भी खर्च करेंगे।
उन्होंने अमर उजाला को बताया कि देश में हॉकी प्रतिभाओं की कमी नहीं है। उनमें देश के लिए मेडल लाने और कप जीतने की जबर्दस्त भूख है। पद्मश्री जफर इकबाल ने कहा कि वह खिलाड़ियों को टिप्स देते रहते हैं। आने वाले समय में खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए काम करेंगे।
जफर इकबाल मॉस्को ओलंपिक 1980 में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम के अहम सदस्य रहे हैं। इसके अलावा वह भारतीय हॉकी टीम के कोच और चयनकर्ता के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। एएमयू के पूर्व छात्र जफर इकबाल ने कहा कि यह अचीवमेंट अवॉर्ड उनके लिए गर्व और जिम्मेदारी दोनों लेकर आया है। उन्होंने युवाओं से खेलों में आगे आने की अपील करते हुए कहा कि अनुशासन, मेहनत और सही दिशा से ही सफलता हासिल की जा सकती है।